काठमाडू। नेपाल में चल रहे हंगामे के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रदर्शनकारी शुरुआत से ही उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे। हालांकि, सोमवार को सरकार ने स्पष्ट कहा था कि ओली इस्तीफा नहीं देंगे। मंगलवार को भी सरकार की ओर से ऐसा ही बयान आया था। इसके बाद प्रदर्शनकारी और उग्र हो गए और हिंसक प्रदर्शन शुरू कर दिए। इस दौरान राष्ट्रपति भवन से लेकर ओली के आवास तक आगजनी और तोड़फोड़ की गई। पुलिस और सेना भी प्रदर्शनकारियों को रोकने में नाकाम रही। कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने सैनिकों पर पथराव भी किया।
लगातार हिंसक प्रदर्शनों और युवाओं के बढ़ते दबाव के कारण ओली सरकार के कई मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया। सोमवार को सबसे पहले गृहमंत्री ने कैबिनेट बैठक के दौरान इस्तीफा दिया था। मंगलवार को भी कई मंत्रियों ने पद छोड़ दिया। इसके बाद ओली सरकार पूरी तरह बैकफुट पर आ गई, और अंततः ओली को भी इस्तीफा देना पड़ा। प्रदर्शनकारी मंगलवार सुबह से मौजूदा सरकार की जगह अंतरिम सरकार के गठन की मांग कर रहे थे, जिसके दौरान उन्होंने हिंसा और आगजनी भी की।
इस्तीफे के बाद खुश दिखे प्रदर्शनकारी
ओली के इस्तीफे की खबर सामने आते ही प्रदर्शनकारी खुशी से झूम उठे। न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि यह हमारे देश के लिए बहुत अच्छी खबर है कि नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने इस्तीफा दे दिया। अब युवा खड़े होकर देश के विकास में योगदान देंगे। एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि हम बहुत खुश हैं कि ओली ने इस्तीफा दे दिया।






