बलौदाबाजार। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की निपनिया शाखा में मृत खाताधारक के नॉमिनी से राशि भुगतान के एवज में रिश्वत मांगने के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले के मीडिया में आने और शिकायत प्राप्त होने के बाद संवेदनशीलता दिखाते हुए कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर शाखा प्रबंधक अनिता पाण्डेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
कलेक्टर को जनदर्शन में मिली थी शिकायत
जानकारी के अनुसार, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित की निपनिया शाखा की प्रभारी शाखा प्रबंधक अनिता पाण्डेय के विरुद्ध कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत प्रस्तुत की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मृत खाताधारक के नॉमिनी से बैंक खाते की राशि भुगतान करने के नाम पर 10 हजार रिश्वत की मांग की गई थी।
जांच कराने के दौरान मिला प्रमाण
जिला प्रशासन द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी प्रारंभिक जांच नोडल अधिकारी, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा से कराई गई। जांच में शाखा प्रबंधक के विरुद्ध लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए गए। इसके बाद कलेक्टर कुलदीप शर्मा के कड़े निर्देश पर बैंक प्रबंधन ने संबंधित अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।
नोडल कार्यालय महासमुंद से किया गया संबद्ध
जारी आदेश के अनुसार, प्रभारी शाखा प्रबंधक अनिता पाण्डेय को बैंक कर्मचारी सेवा नियमावली के नियम 60 (3) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उन्हें नोडल कार्यालय महासमुंद से संबद्ध किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार स्वीकार्य वेतन की आधी राशि के बराबर जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा। इस अवधि में वे किसी भी प्रकार के अवकाश की पात्र नहीं होंगी तथा सक्षम अधिकारी की पूर्व लिखित अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगी।
दिवंगत पति के खाते से पैसा निकालने प्रबंधक ने की थी राशी की मांग
गौरतलब है कि ग्राम निपनिया निवासी एक महिला ने अपने दिवंगत पति के बैंक खाते में जमा राशि निकालने के लिए शाखा प्रबंधक पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। शिकायत के साथ कथित लेन-देन का वीडियो भी प्रशासन को सौंपा गया था। मामले को लेकर क्षेत्रीय विधायक इंद्र साव ने भी बैंक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया था।
जिला प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई को भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, अब आगे की विभागीय जांच और अन्य संभावित कार्रवाई पर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं।






