पलारी| प्राकृतिक आपदाओं से समय रहते निपटने और राहत-बचाव कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बलौदाबाजार जिले के बालसमुद तालाब में राज्य स्तरीय बाढ़ आपदा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल में जिला नगर सेना, एसडीआरएफ, जिला प्रशासन का राजस्व अमला और फायर ब्रिगेड की टीमों ने संयुक्त रूप से भाग लेकर आपदा की स्थिति में त्वरित एवं समन्वित कार्रवाई का प्रदर्शन किया।
सूचना मिलते ही टीम होगी सक्रिय
मॉक ड्रिल में यह परिकल्पना की गई कि लगातार भारी वर्षा के कारण अचानक बाढ़ की स्थिति निर्मित हो गई है, जिससे आसपास के गांवों में जनजीवन प्रभावित हो गया है और लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में हैं। सूचना मिलते ही विभिन्न विभागों की टीमें सक्रिय हुईं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
नाव और रेस्क्यू बोट से मिलेगी मदद
इस दौरान नावों और रेस्क्यू बोट की मदद से बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों तक पहुंचाने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया। वहीं, डूबे हुए व्यक्ति की तलाश के लिए रेस्क्यू टीम और विशेष खोजी उपकरणों की सहायता से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
मॉक ड्रिल में यह भी बताया गया कि आपदा के समय घरों में उपलब्ध सामान्य सामग्री जैसे बांस-बल्ली, पानी के डब्बे और प्लास्टिक की बोतलों का उपयोग भी जीवन रक्षक साधनों के रूप में किया जा सकता है। साथ ही सीपीआर, प्राथमिक उपचार, एंबुलेंस और मेडिकल टीम की त्वरित सेवाओं तथा राहत सामग्री वितरण की कार्यप्रणाली का भी अभ्यास कराया गया।
30 मीटर गहराई तक हो सकेगा रेस्क्यू
एसडीआरएफ की टीम ने इस दौरान अत्याधुनिक बचाव उपकरणों का प्रदर्शन किया। इनमें 30 मीटर गहराई तक पानी के भीतर देखने वाला वाटर कैमरा, बोरवेल रेस्क्यू कैमरा, सीसीटीवी मॉनिटर और करंट से बचाव के लिए सेंसर टॉर्च सहित कई आधुनिक उपकरण शामिल रहे।
आपदा प्रबंधन में सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी जरूरी
पलारी के नायब तहसीलदार ईश्वर प्रसाद केवट ने कहा कि इस प्रकार की मॉक ड्रिल वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित, समन्वित और प्रभावी प्रतिक्रिया देने में अत्यंत सहायक होती हैं। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी और आम नागरिकों की जागरूकता ही सबसे बड़ी ताकत है तथा लोगों को मॉक ड्रिल में बताए गए सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए।






