नई दिल्ली। देश के कई राज्यों के लिए मूसलाधार बारिश आफत बनकर बरस रही है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और फ्लैश फ्लड से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं मैदानी इलाकों में हादसे और आकाशीय बिजली काल बन रही है। हिमाचल प्रदेश के चंबा में अचानक आई बाढ़ के बाद मलबे और पत्थरों का सैलाब रिहायशी इलाकों में घुस गया, जबकि उत्तराखंड में लैंडस्लाइड के कारण केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा है।
हिमाचल प्रदेश के चंबा में तबाही, शिमला में भी भारी बारिश
हिमाचल प्रदेश के चंबा में सोमवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश के बाद सरोल मोहल्ले समेत कई निचले इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई। पानी के प्रचंड बहाव के साथ भारी मात्रा में पत्थर और मलबा आया, जो लोगों के घरों और दुकानों में तेज बारिश से पहड़ा का मलबा घुस गया, जिससे 10 से ज्यादा गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई। कई मकानों की पहली मंजिल तक मलबा जमा हो गया है।
शिमला में भी देर रात से लगातार बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने आगामी 6 दिनों तक राज्य में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। सिरमौर और बिलासपुर में ऑरेंज अलर्ट, जबकि शिमला, मंडी और सोलन में यलो अलर्ट घोषित किया गया है। IMD ने मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन में फ्लैश फ्लड की चेतावनी देते हुए लोगों को नदियों-नालों से दूर रहने की सलाह दी है।
लैंडस्लाइड से केदारनाथ हाईवे ठप, यात्रा स्थगित
उत्तराखंड के चमोली, टिहरी, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिलों में मंगलवार सुबह कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ। रुद्रप्रयाग के कुंड-काकड़ा के पास केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी मलबा आने से यातायात पूरी तरह ठप्प हो गया है। इसके अलावा सोनप्रयाग-गौरीकुंड मार्ग बंद होने के कारण श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केदारनाथ यात्रा रोक दी गई है।
पंजाब और चंडीगढ़ में पहली बार रेड अलर्ट
पंजाब और चंडीगढ़ में तेज बारिश के बाद मौसम विभाग ने पहली बार संयुक्त रूप से रेड अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश के कारण भाखड़ा और पोंग बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन ने निचले इलाकों और नदियों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने की हिदायत दी है।






