रायपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 4 अप्रैल की शाम रायपुर पहुंचेंगे। वे रायपुर में ही रात रुकेंगे। इसके बाद 5 अप्रैल की सुबह दंतेवाड़ा जाएंगे, जहां वे पंडुम महोत्सव के समापन में शामिल होंगे।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि दंतेवाड़ा में केंद्रीय गृहमंत्री 5 अप्रैल को सुबह दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके बाद वे बस्तर की संस्कृति का उत्सव पंडुम कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह आयोजन संभाग स्तर पर 3 से 5 अप्रैल तक आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्घाटन 3 अप्रैल को कवि कुमार विश्वास करेंगे। कार्यक्रम में कुमार विश्वास बस्तर के राम विषय पर प्रस्तुति देंगे और भगवान राम के बस्तर से नाते के बारे में बताएंगे।
मंत्री श्री शर्मा ने बताया कि बस्तर निकाय चुनावों में जितने जनप्रतिनिधी जीतकर आए हैं, उनके साथ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह लंच करेंगे और बस्तर के अंदरूनी इलाकों में जनता से जुड़े काम सरकार की योजनाओं पर बात करेंगे। साथ ही नक्सल ऑपरेशन में शामिल कमांडर्स से भी केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह मुलाकात करेंगे। उन्हें छत्तीसगढ़ सरकार की नई नक्सल नीति के बारे में बतायेंगे।
कुमार विश्वास करेंगे बस्तर पंडुम महोत्सव का शुभारंभ
जानकारी के अनुसार डॉ. कुमार विश्वास 3 अप्रैल को पंडुम महोत्सव में आएंगे और कार्यक्रम का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान वे अपनी राम कथा में बस्तर के राम पर कथा को सुनाएंगे। विदित हो कि बस्तर पंडुम में पंडुम का मतलब उत्सव से है। इसमें जनजातीय नृत्यों के तहत गेड़ी, गौर-माड़िया, ककसाड़, मांदरी, हुलकीपाटा की प्रस्तुति स्थानीय कलाकारों ने दी हैं। इसके अलावा लोक गीत श्रृंखला के तहत जनजातीय गीत- चौतपरब, लेजा, जगारगीत, धनकुल, हुलकी पाटा जैसे दर्जनों गीत, जनजातीय नाट्य श्रेणी में भतरा नाट्य लय और ताल, संगीत कला, वाद्य यंत्र के साथ दिखाया गया है।
करधन, सुतिया, पैरी, बाहूंटा, बिछिया है यहां का आभूषण
इसी तरह जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन के तहत धनकुल, ढोल, चिटकुल, तोड़ी, अकुम, झाब, मांदर, मृदंग, बिरिया ढोल, सारंगी, गुदुम, मोहरी, सुलुङ, मुंडाबाजा, चिकारा को बजाने की प्रतियोगिता हुई है। जनजातीय वेशभूषा और आभूषण प्रदर्शन विधा में लुरकी, करधन, सुतिया, पैरी, बाहूंटा, बिछिया, ऐंठी, बन्धा, फुली, धमेल, नांगमोरी, खोचनी, मुंदरी, सुर्रा, सुता, पटा, पुतरी, नकबेसर जैसे आभूषण दिखाए गए हैं।






