रायपुर। छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल से आबकारी नीति 2025-26 लागू हो गई है। इस नीति के तहत अब सरकारी शराब दुकानों में नई कीमतों पर शराब बेची जा रही है। राज्य में वर्तमान में 674 सरकारी देशी-विदेशी मदिरा दुकानें संचालित है। अब सरकार ने 67 नई शराब दुकानों को खोलने का प्रस्ताव मंगाया है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इसका जगह-जगह विरोध हो रहा है।
विपक्षी दल कांग्रेस ने भी सरकार को इस मुद्दे पर घेरा है। इस पर आबकारी विभाग का कहना है कि नई दुकानों को लेकर अंतिम निर्णय जिलों से आए प्रस्तावों के आधार पर लिया जाएगा। इसके अलावा, बार लाइसेंस नवीनीकरण को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है।
3 हजार तक सस्ती हुई शराब
आबकारी विभाग के मुताबिक रीटेल वाइन शॉप में अधिक बिकने वाली बोतलों में 300 रुपए तक की कमी आई है। बार में भी शराब के दाम घटे हैं। हालांकि वहां मिलने वाले रेस्तरां सर्विस की वजह से कीमत में कोई खास फर्क महसूस होने के आसार कम ही हैं। नई दरें लागू होने से सबसे सस्ती व्हिस्की प्रदेश में 480 रुपए से शुरू हो जाएगी।
10 हजार में एक दिन का लायसेंस मिलेगा
यह एक दिन के लिए दिया जाना वाला लायसेंस एफएल 5 क के नाम से जाना जाता है। अगर कोई अपने निजी भवन (फार्म हाउस को छोड़कर) में आयोजित किसी निजी कार्यक्रम आयोजन में शराब परोसना चाहता है तो उसे 10 हजार रुपए में एक दिन का लायसेंस मिलेगा। इसी तरह किसी होटल, रेस्टारेंट, शादीघर, फार्म हाउस में एफएल 3 लायसेंसधारी के परिसर में कार्यक्रम रखता है तो इसके लिए 15 हजार रुपए में एक दिन का लायसेंस मिलेगा। अगर कोई इवेंट, कंसर्ट, लाइव कार्यक्रम संगीत, नृत्य, कार्यक्रम, नव वर्ष समारोह, क्रिकेट मैच आदि के कार्यक्रम में पिलाने के लिए 30 हजार रुपए में एक दिन का लायसेंस लेना होगा।
साय सरकार ने शराब दुकानें दोगुनी की : पूर्व सीएम भूपेश
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर शराब नीति को लेकर कहा कि, अंग्रेजी शराब दुकानों में देशी शराब बेची जा रही है, जिससे राज्य में शराब बिक्री का दायरा बढ़ा दिया गया है, जिससे दुकानें दोगुनी हो गई है। उन्होंने यह भी कहा है कि प्रीमियम शराब दुकानों के माध्यम से नई व्यवस्था लागू की जा रही है। शराब दुकान खोलने के लिए सरपंचों पर दबाव बनाकर जबरन एनओसी ली जा रही है, जो लोकतंत्र की हत्या के समान है।






