रायपुर । रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को खरसिया-नया रायपुर-परमालकसा रेल प्रोजेक्ट पर दिल्ली के रेल भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा इस प्रोजेक्ट पर 8741 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इससे पूरे छत्तीसगढ़ को एक छोर से दूसरे छोर तक कवरेज मिलेगा। रेल मंत्री ने कहा कि खरसिया-परमालकसा 5वीं-6वीं रेल लाइन छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क की नई धमनी की तरह है । यह ओडिशा की सीमा से महाराष्ट्र की सीमा तक रेल नेटवर्क की सुविधा देगी। यह भारत के सबसे बड़े प्रोजेक्ट में से एक है।
रेल मंत्री ने कहा – इससे छत्तीसगढ़ के रायगढ़, जांजगीर-चाम्पा, बिलासपुर, बलौदाबाजार, दुर्ग और राजनांदगांव जिले जुड़ेंगे। इन जिलों के बीच 21 स्टेशन और 48 बड़े ब्रिज बनाए जाएंगे। इसके अलावा 349 छोटे ब्रिज, 14 फ्लाईओवर और 184 अंडर पास का निर्माण होगा। स्थानीय स्तर के निवासियों को परेशानी से राहत दिलाने के लिए 5 रेल फ्लाईओवर भी बनाए जाएंगे ।
इस प्रोजेक्ट में 615 किलोमीटर लंबी पटरियां बिछेंगी
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस प्रोजेक्ट में 615 किलोमीटर लंबी पटरियां बिछेंगी, जिसमें 278 किलोमीटर का रूट है। इस रूट के निर्माण के बाद 8 से ज्यादा मेल, एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इस रेल नेटवर्क के निर्माण से करीब 22 करोड़ लीटर डीजल बचेगा और रेलवे को लगभग 2500 करोड़ रुपये के डीजल की बचत होगी। रेल मंत्री ने कहा कि भगवान राम के वनवास के दौरान माता शबरी के प्रसंग से जुड़े लक्ष्मी नारायण मंदिर का भी इस रेल नेटवर्क से संपर्क स्थापित होगा। बलौदाबाजार और खरसिया जैसे सीमेंट उत्पादन के बड़े इंडस्ट्रियल हब भी इस नेटवर्क से जुड़ेंगे।
छत्तीसगढ़ में हजारों करोड़ का काम हो रहा: मुख्यमंत्री साय
वीडियो कान्फ्रेसिंग के दौरान रेल मंत्री छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से भी जुड़े। उन्होंने कहा कि राज्य के लोगों ने जिन उम्मीदों के साथ डबल इंजन की सरकार बनाई है, उसे पूरा करने का काम भारतीय रेल कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेलवे से जुड़ा हजारों करोड़ का काम हो रहा है। नई परियोजना से छत्तीसगढ़ के छह सात जिले जुड़ते हैं, यह राज्य के लिए सौभाग्य की बात है।






