कसडोल| विकासखंड मुख्यालय से महज कुछ ही दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत पिसीद के सरपंच कार्तिक बंजारे पर अनियमितता और ग्रामीणों को धमकाने के आरोप लग रहे हैं। 10 लाख की लागत से बन रहे सामुदायिक भवन में गुणवत्ताहीन कार्य का विरोध करने पर सरपंच ने ग्रामीणों को खुलेआम चुनौती दे डाली है। रेशान ग्रामीणों ने अब इस मामले की शिकायत कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से की है।
यह पूरा मामला बलौदाबाजार जिले के कसडोल जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत पिसीद का है। यहां इन दिनों सरपंच कार्तिक बंजारे की मनमानी और अनर्गल बात करने की चर्चा हर जुबान पर है। दरअसल पिसीद ग्राम पंचायत में लगभग 50 फीसदी आबादी मरार समाज की है।
पूर्व में हुए समाज के महाधिवेशन में ग्रामीणों की मांग पर 10 लाख की लागत से एक सामुदायिक भवन की स्वीकृति मिली थी। गांव के आजाद चौक पर इसका निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन आरोप है कि सरपंच इस निर्माण कार्य में भारी अनियमितता बरत रहे हैं।
सरपंच की धमकी पर ग्रामीणों में आक्रोश
सरपंच की इस धमकी और घटिया निर्माण से नाराज मरार समाज और गांव के लोग बड़ी संख्या में कसडोल जनपद पंचायत पहुंचे और उग्र विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों की मांग है कि इस घटिया निर्माण कार्य को तुरंत रोका जाए और इसकी उच्च स्तरीय जांच कराकर गुणवत्तापूर्ण काम शुरू कराया जाए।
कलेक्टर और एसपी से भी ग्रामीणों ने की शिकायत
ग्रामीणों ने अब इस मामले की लिखित शिकायत जिले के कलेक्टर और एसपी से भी की है और सरपंच पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पहले भी जनपद सीईओ से शिकायत की थी कि काम बहुत घटिया हो रहा है। न तो सही मात्रा में सीमेंट डाला जा रहा है और न ही सरिया और ईट जोड़ाई में भी भारी गैप। उक्त निर्माण को लेकर जब ग्रामीणों सरपंच कार्तिक बंजारे से बात की तो काम को सुधरने के बजाय ग्रामीणों को धमकी देने लगे। तब ग्रामीण न्याय के लिए कसडोल जनपद पंचायत और बलौदा बाजार कलेक्टर साहब के पास फरियाद लेकर पहुंचे।
सीईओ बोले -शिकायत मिली है, जांच होगी
इस पूरे मामले पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत कसडोल कमलेश साहू ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा शिकायत प्राप्त हुईं है, जिसमे पिसीद ग्राम पंचायत में बन रहे भवन के निर्माण कार्य की जांच के लिए तीन सदस्यीय तकनीकी टीम भेजी जा रही है। अगर निर्माण कार्य में गुणवत्ता की कमी पाई जाती है, तो काम रुकवाया जाएगा और संबंधित सरपंच के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और पुलिस ग्रामीणों को धमकाने वाले सरपंच पर क्या कार्रवाई करती है और मरार समाज के लिय बनने वाला यह भवन निर्माण कार्य कब सही होता हैं।






