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महतारी वंदन की 32वीं किस्त जारी : सीएम साय ने 67.38 लाख महिलाओं के खातों में ट्रांसफर किए 632.40 करोड़

दुर्ग। प्रदेश में महिला सशक्तिकरण और अधोसंरचना विकास को नई गति देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुर्ग में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त जारी की। इसके तहत प्रदेश की 67 लाख 38 हजार 217 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 632 करोड़ 40 लाख से अधिक की राशि सीधे अंतरित की गई।

योजना की शुरुआत से सितंबर 2026 तक दी गई राशि को मिलाकर अब तक प्रदेश की माताओं-बहनों को 20,708 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले की 3.89 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में 37.19 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए। इसके साथ ही उन्होंने दुर्ग जिले के समग्र विकास के लिए 218.48 करोड़ रुपये लागत के 23 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया।

दुर्ग जिले को विकास कार्यों की सौगात 

दुर्ग में 1.22 करोड़ की लागत से पूर्ण आईटीआई दुर्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण किया गया। कुम्हारी-अहिवारा-पथरिया मार्ग 24.06 करोड़, अंजोरा-रसमड़ा मार्ग चौड़ीकरण 30.20 करोड़ सहित कई प्रमुख सड़कों का सुदृढ़ीकरण होगा। इसी तरह  शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दुर्ग में छात्रावास निर्माण 16.16 करोड़ और जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र  11.96 करोड़ का भूमिपूजन किया गया। इसके अलावा जलाशयों व नहरों के जीर्णाोद्धार कार्य तथा जामगांव (आर) व पाटन क्षेत्र में ट्रांसमिशन क्षमता विस्तार के लिए 42 करोड़ से अधिक के विद्युत उपकेंद्र कार्य शामिल हैं।

महतारी वंदन की राशि है मातृशक्ति का सम्मान

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान और उनका आर्थिक सशक्तीकरण हमारी सरकार के लिए केवल एक योजना या कार्यक्रम नहीं, बल्कि सुशासन की प्रमुख प्राथमिकता है। हमारा विश्वास है कि जब परिवार की महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है।

महिला सशक्तिकरण की नई दिशा

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नारीशक्ति को विकास की धुरी बनाते हुए महिला सशक्तीकरण को नई दिशा दी है। उनके नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए अनेक ऐतिहासिक पहल हुई हैं। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी भावना के अनुरूप माताओं-बहनों के जीवन में स्थायी और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

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