नई दिल्ली। देश में एक बार फिर मौसम का मिजाज तेजी से बिगड़ने वाला है, जो लोगों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आगामी 24 घंटों के भीतर उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली समेत देश के 19 राज्यों में भारी बारिश और भीषण तूफान को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस दौरान कुछ राज्यों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जिससे भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
उखड़ सकते हैं पेड़, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की भी आशंका
मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार, इस चक्रवाती आंधी की रफ्तार इतनी तेज होगी कि कई राज्यों में बड़े-बड़े पेड़ और बिजली के खंभे जड़ से उखड़ सकते हैं। पूर्वी राज्यों में आकाशीय बिजली गाज गिरने का सबसे ज्यादा कहर देखने को मिल सकता है। इसके साथ ही कई मैदानी और पहाड़ी इलाकों में बड़े-बड़े ओले गिरने की भी चेतावनी दी गई है, जिससे किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
खतरनाक हो सकती है यात्रा, मछुआरों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह
प्रशासन और मौसम विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे इस खराब मौसम के दौरान बहुत अधिक सतर्क रहें। खासकर बारिश और तूफान के समय किसी भी तरह की यात्रा करने से पूरी तरह परहेज करें, क्योंकि यह जानलेवा साबित हो सकता है। इसके साथ ही मछुआरों को समुद्र या नदी तटों से दूर रहने और किसानों को अपनी पकी फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखने की हिदायत दी गई है।
चक्रवाती तंत्र के कारण बिगड़ा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बड़े मौसमी बदलाव के पीछे दो मुख्य वजहें हैं। वर्तमान में दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उसके आसपास के क्षेत्र में निचले क्षोभमंडल में एक मजबूत चक्रवाती परिसंचरण चक्रवाती हवाओं का घेरा बना हुआ है। इसके अलावा, एक अन्य चक्रवाती तंत्र मध्य असम और उसके नजदीकी इलाकों में सक्रिय है। इन दोनों सिस्टमों के प्रभाव से देश के एक बड़े हिस्से में मौसम अचानक हिंसक रूप ले रहा है।
इन 19 राज्यों के लिए जारी हुआ अलर्ट
मौसम विभाग ने जिन राज्यों के लिए भारी बारिश, ओलावृष्टि और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है, उनमें
उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, त्रिपुरा और मेघालय, छत्तीसगढ़, केरल और तमिलनाडु शामिल हैं।
इन सभी राज्यों के जिला प्रशासनों को भी अलर्ट पर रहने को कहा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।






