कसडोल| कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय कसडोल की पूर्व प्रभारी अधीक्षिका व वर्तमान शिक्षिका रीना कटकवार पर वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार, फर्जी भुगतान और शासकीय राशि के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस संबंध में कलेक्टर बलौदाबाजार को एक विस्तृत शिकायत पत्र सौंपकर वर्ष 2021 से जनवरी 2026 तक विद्यालय में हुए समस्त वित्तीय लेन-देन, पीएफएमएस भुगतान, नियुक्तियों और सामग्री क्रय संबंधी मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पूर्व अधीक्षिका द्वारा पीएफएमएस के माध्यम से पीपीआर जनरेट कर विभिन्न मदों में राशि आहरित की गई और कई मामलों में फर्जी भुगतान, संदिग्ध बिल तथा नियमविरुद्ध मानदेय जारी किया गया।
एक ही व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग पदों में भुगतान दर्शाने का आरोप
शिकायतकर्ता का कहना है कि विद्यालय में छात्राओं के नाम पर शासन से मिलने वाली सुविधाओं, शिक्षण व्यवस्था, भोजन, सामग्री तथा अन्य खर्चों में गंभीर अनियमितताएं की गई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ व्यक्तियों के नाम पर अलग-अलग अवधि में चौकीदार, ट्यूशन शिक्षक, कंप्यूटर शिक्षक, अतिथि शिक्षक, अंशकालीन शिक्षक आदि पदों पर भुगतान दर्शाया गया। इनमें माधुरी साहू, मधु यादव, रुखमणी साहू, अनुप साहू और हेमा साहू सहित अन्य नामों का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि कई मामलों में एक ही व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग पदों में राशि जारी की गई, जबकि कुछ भुगतान दुकानों और मजदूरी मद के नाम पर भी संदिग्ध रूप से दर्शाए गए हैं।
दुकानों, मजदूरी और सामग्री क्रय के नाम पर संदिग्ध बिल व भुगतान
उक्त शिकायत में दिलीप पान सेंटर, देव किराना स्टोर्स, प्रज्ञा फैंसी स्टोर कसडोल, नवीन पोल्ट्री फार्म तथा सब्जी-फल विक्रेताओं के नाम पर किए गए भुगतानों की भी जांच की मांग की गई है। आरोप है कि इन भुगतानों में वास्तविक आपूर्ति, बिल और भुगतान के बीच गंभीर अंतर हो सकता है तथा कुछ भुगतान फर्जी तरीके से दर्शाकर शासकीय राशि का आहरण किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि अधीक्षिका द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर “सुपरिटेंडेंट” के नाम पर अपने खाते के माध्यम से लाखों रुपये आहरित किए जाने का मामला भी जांच का विषय है।

छात्राओं को मिलने वाली सुविधाओं में अनियमितता और संसाधनों के दुरुपयोग
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि छात्रावास में अध्ययनरत छात्राओं को शासन से मिलने वाली सामग्री, शैक्षणिक सुविधा, भोजन और अन्य आवश्यक संसाधनों का समुचित लाभ नहीं मिल पाया, जबकि संबंधित मदों में राशि आहरित की जाती रही है। शिकायतकर्ता ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की विशेष जांच टीम गठित कर निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी पाए जाने पर राशि की वसूली, विभागीय कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि यदि निर्धारित समय में उचित कार्रवाई नहीं की गई तो सर्वदलीय नागरिक कल्याण समिति कसडोल, पालक एवं महिला संगठनों द्वारा धरना-प्रदर्शन और घेराव किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी, लेकिन शिकायत पत्र सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।
सौंपी गई जांच रिपोर्ट
उक्त मामले की जांच पूरी हो चुकी है, जिसकी जांच प्रतिवेदन उच्च कार्यालय जिला परियोजना, समग्र शिक्षा बलौदाबाजार को आज 13 जुलाई को सौंप दी गई है।
अरविंद ध्रुव
विकासखंड शिक्षा अधिकारी कसडोल






