बिलासपुर। बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने रेलवे स्टेशन से दो महिलाओं और दो युवकों को गिरफ्तार कर उनके पास से 55 किलो से अधिक गांजा जब्त किया। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 27.57 लाख आंकी गई है।
रीवा एक्सप्रेस में लोडिंग की थी तैयारी, घेराबंदी कर दबोचा
जीआरपी थाना प्रभारी विश्वनाथ चक्रवर्ती ने बताया कि पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर रेलवे स्टेशनों पर मादक पदार्थों की अवैध तस्करी को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध भारी मात्रा में नशीला पदार्थ लेकर ट्रेन में चढ़ने की फिराक में हैं।
सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने 11 जुलाई की देर रात प्लेटफॉर्म नंबर-6 पर तगड़ी घेराबंदी की। टीम ने वहां मौजूद चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर जब उनके पास मौजूद सामान की तलाशी ली, तो पुलिस की आंखें फटी रह गईं। आरोपियों के बैग से खाकी रंग के टेप से लिपटे कुल 32 पैकेट बरामद हुए, जिनमें 55 किलो 150 ग्राम गांजा भरा हुआ था। आरोपी इस खेप को रीवा एक्सप्रेस के जरिए मध्यप्रदेश ले जाने की तैयारी में थे।
ओडिशा और मध्यप्रदेश के हैं तस्कर
पकड़े गए चारों आरोपी अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं, जिनमें दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। ये तस्कर ओडिशा से गांजे की यह बड़ी खेप लेकर आए थे और इसे मध्य प्रदेश में खपाने की योजना थी।
एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई
पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
बड़े नेटवर्क की तलाश में जुटी जीआरपी
रैकेट के पीछे किसका हाथ : जांच कर रही पुलिस
शुरुआती पूछताछ में पुलिस को इस रैकेट के पीछे एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। जीआरपी अब इस बात का पता लगा रही है कि ओडिशा में इन्हें गांजे की सप्लाई किसने की थी और मध्य प्रदेश में यह माल किसे डिलीवर किया जाना था। पुलिस का दावा है कि जल्द ही गिरोह के मुख्य सरगना और अन्य सदस्यों को भी दबोच लिया जाएगा।






