छत्तीसगढ़

थान खम्हरिया के गुवारा स्कूल की छत का प्लास्टर गिरा : दो छात्र हुए चोटिल

थान खम्हरिया। तहसील क्षेत्र के समीपस्थ ग्राम गुवारा स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में सोमवार दोपहर में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। कक्षा संचालन के दौरान ही अचानक छत का प्लास्टर भरभराकर गिर गया, जिसकी चपेट में आकर दो छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल छात्रों के सिर और हाथों में चोटें आई हैं।

घटना के बाद स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में दोनों बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थान खम्हरिया ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। इस हादसे ने 3 वर्ष पूर्व ही हुई स्कूल जतन योजनांतर्गत मरम्मत कार्य की पोल भी खोलकर रख दी है। खबर लगते ही साजा बीईओ ने स्कूल पहुंचकर घायल बच्चों से मिले तथा आवश्यक निर्देश भी दिये।

पढ़ाई के दौरान ही हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार गुवारा स्कूल में उस समय कक्षा 3 और 4 के बच्चे बैठे हुए थे। दोपहर का भोजन समाप्त होने के बाद बच्चे कक्षा में पढ़ाई कर रहे थे। अचानक तेज आवाज के साथ छत से सीमेंट और गिट्टी का बड़ा टुकड़ा नीचे गिरा। इसमें कक्षा 4 का एक छात्र और कक्षा 3 की एक छात्रा घायल हो गई। बच्चे के सिर में 4 टांके आए हैं, जबकि प्रिया के दाहिने हाथ में चोट लगी है। अन्य बच्चों को भी मामूली खरोंचे आई हैं। घटना के बाद शिक्षकों ने तुरंत बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और परिजनों को सूचना दी।

3 साल पहले ही हुआ था रिनोवेशन कार्य 

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसी स्कूल का रिनोवेशन कार्य जतन योजना के तहत कांग्रेस शासनकाल में वर्ष 2022-23 में कराया गया था। उस समय छत, दीवार और फर्श की मरम्मत पर करीब 1.20 लाख रुपए खर्च किए गए थे। इसके बावजूद महज 3 साल में ही छत का प्लास्टर गिर जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया था। उस समय भी ग्रामीणों ने शिकायत की थी, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। अभी भी उक्त स्कूल के छत मे जलभराव के कार कमरो मे पानी का लगातार रिसाव देखने को मिलता है जिससे प्लास्टर जोर होते जा रहा है।

बीईओ ने किया निरीक्षण, दिये जरूरी निर्देश 

घटना की सूचना मिलते ही विकासखंड शिक्षा अधिकारी साजा मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्षतिग्रस्त कक्षा का निरीक्षण किया और स्कूल स्टाफ से पूरी जानकारी ली। बीईओ ने शिक्षको ने कहा यह बेहद गंभीर मामला है। बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। तुरंत इस कक्षा को बंद कराया और बच्चों को दूसरे कमरे में शिफ्ट किया । साथ ही पूरे भवन का स्ट्रक्चर ऑडिट कराए जाने पर जोर दिथा गया है।

अभिभावकों में आक्रोश 

हादसे के बाद अभिभावकों में आक्रोश है। स्कूल के बाहर जमा हुए अभिभावकों ने कहा कि वे अपने बच्चों को तब तक स्कूल नहीं भेजेंगे जब तक भवन को पूरी तरह सुरक्षित नहीं कर दिया जाता। उन्होंने कलेक्टर और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है। हादसे ने शिक्षा वीभाग की उस आदेश का भी पोल खोल दी, जिसमें जर्जर भवनों, शौचालयों  तथा जलभराव वाले प्रांगण की उचित आनकारी प्रेषित करने था। ऐसी स्कूलों में कक्षा संचालन नहीं करने का आदेश है।

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