दुर्ग। भिलाई के खम्हरिया स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूल में अजीबोगरीब तरीके की बीमार का मामला सामने आया है। यहां पिछले तीन दिनों के भीतर कक्षा 9वीं-ए की 8 छात्राएं एक के बाद एक बीमार हो गईं। छात्राओं के अचानक चीखने-चिल्लाने, रोने, हाथ-पैर अकड़ने और फिर बेहोश होने से स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया। चौंकाने वाली बात यह है कि अस्पताल ले जाने के कुछ देर बाद ही छात्राएं सामान्य हो जाती हैं और एक को छोड़कर बाकी सभी की मेडिकल रिपोर्ट पूरी तरह नॉर्मल आई है।
सोमवार को फिर बिगड़ी दो छात्राओं की तबीयत
ताजा मामला सोमवार 13 जुलाई का है, जब क्लास में बैठी दो छात्राओं की तबीयत अचानक खराब हो गई। इनमें से एक छात्रा अजीब हरकतें करते हुए जोर-जोर से रोने और चीखने लगी। देखते ही देखते उसके हाथ-पैर अकड़ गए और वह बेहोश हो गई। दोनों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच में एक छात्रा को सिकलिन की समस्या पाई गई, जबकि दूसरी छात्रा की सभी रिपोर्ट पूरी तरह नॉर्मल निकली।
9 जुलाई से शुरू हुआ रहस्यमयी सिलसिला
स्कूल की प्रिंसिपल सुनीता दीवान ने बताया कि यह सिलसिला गुरुवार 9 जुलाई की शाम करीब 4 से 4.30 बजे के बीच शुरू हुआ था।
पहले दिन 9 जुलाई को एक छात्रा को अचानक चक्कर आया। उसे स्टाफ रूम ले जाया गया, तभी दूसरी छात्रा जोर-जोर से चीखने लगी। इसके कुछ ही देर बाद क्लास की 3 अन्य छात्राएं भी बेहोश हो गईं। उनके हाथ-पैर अकड़ गए और बोलने में दिक्कत होने लगी। 108 एंबुलेंस में देरी होने पर उन्हें ऑटो से शंकराचार्य मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डेढ़ घंटे बाद सभी सामान्य हो गईं। पहले दिन कुल 5 छात्राएं प्रभावित हुईं।
दूसरा दिन 11 जुलाई शनिवार को फिर 2 छात्राओं की तबीयत इसी तरह बिगड़ी। इनमें से एक को अस्पताल भेजा गया, जबकि दूसरी स्कूल में ही ठीक हो गई। इसके बाद एक और छात्रा के साथ यही हुआ, जिसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
सिर्फ एक ही क्लास में आ रहे केस
स्कूल प्रबंधन के अनुसार, यह रहस्यमयी स्थिति केवल डे-शिफ्ट में पढ़ने वाली कक्षा 9वीं-ए की छात्राओं में ही देखी गई है। मॉर्निंग शिफ्ट के बच्चों या स्कूल के किसी शिक्षक को ऐसी कोई समस्या नहीं हुई है।
बदला गया क्लासरूम, बुलाई गई साइकोलॉजिकल टीम
मेडिकल रिपोर्ट में किसी शारीरिक बीमारी की पुष्टि न होने के बाद अब प्रशासनिक और शिक्षा विभाग सतर्क हो गया है। शुरुआती तौर पर विशेषज्ञ इसे मनोवैज्ञानिक कारण से जोड़कर देख रहे हैं।






