बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर रेल मंडल में सोमवार को करगी रोड रेलवे स्टेशन पर एक मालगाड़ी के तीन डिब्बे बेपटरी हो गए। गनीमत रही कि दोनों ही हादसों में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर मची अफरा-तफरी
सोमवार को बिलासपुर रेल मंडल के कोटा क्षेत्र स्थित करगी रोड रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 से एक मालगाड़ी गुजर रही थी। इसी दौरान अचानक उसके तीन डिब्बे जोरदार आवाज के साथ पटरी से उतर गए। हादसे के बाद स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, आरपीएफ और इंजीनियरिंग विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और ट्रैक बहाली का काम शुरू किया गया।
डिब्बों के नीचे फंसा मिला जेसीबी का बकेट, मामला संदिग्ध
हादसे के बाद जब तकनीकी टीम ने जांच शुरू की, तो बेपटरी हुए डिब्बों के नीचे जेसीबी मशीन का बकेट लोहे का पंजा फंसा हुआ मिला। इस खुलासे के बाद पूरा मामला संदिग्ध हो गया है। घटना के कारणों को लेकर फिलहाल दो अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।
रेलवे ट्रैक के पास चल रहे निर्माण कार्य के दौरान लापरवाही पूर्वक इस्तेमाल किया जा रहा जेसीबी का बकेट मालगाड़ी की चपेट में आ गया। कुछ अज्ञात युवक जेसीबी के भारी-भरकम बकेट को रेलवे लाइन पार कराने की कोशिश कर रहे थे, तभी आ रही मालगाड़ी उससे टकरा गई और बकेट डिब्बों में फंसने से पहिए पटरी से उतर गए।
जांच के बाद ही सच आएगा सामने
सीनियर डीसीएम अनुराग कुमार ने कहा कि घटना के हर पहलू की बारीकी से तकनीकी जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह हादसा किसी तकनीकी खामी की वजह से हुआ या फिर बाहरी लापरवाही का नतीजा है। रेलवे प्रशासन ने अभी तक किसी एक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
ट्रैक बहाली का काम पूरा, जांच में जुटी आरपीएफ
राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी भी यात्री या रेल कर्मचारी को चोट नहीं आई है। हादसे के तुरंत बाद रेलवे की हाइड्रोलिक और तकनीकी टीमों ने बेपटरी डिब्बों को ट्रैक से हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया और कुछ ही समय बाद रेल परिचालन को फिर से सामान्य कर दिया गया।
तीन दिन पहले ही तारबाहर में भी एक मालगाड़ी बेपटरी हुई
चूंकि तीन दिन पहले ही तारबाहर में भी एक मालगाड़ी बेपटरी हुई थी, इसलिए आरपीएफ और रेलवे सतर्कता विंग इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए हैं और यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या सुरक्षा से खिलवाड़ की बात सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।






