अमेरिकी सीनेट में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर रोक लगाने और राष्ट्रपति के युद्ध संबंधी अधिकारों को सीमित करने वाला विधेयक महज 1 वोट के अंतर से गिर गया है। गुरुवार को हुई इस महत्वपूर्ण वोटिंग में विधेयक के पक्ष में 49 और विरोध में 50 वोट पड़े। इस मतदान के दौरान पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के सांसद डेव मैककॉर्मिक अनुपस्थित रहे और उन्होंने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया।
क्या होता अगर यह बिल पास हो जाता?
अगर यह प्रस्ताव सीनेट में पारित हो जाता, तो अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए ईरान पर किसी भी तरह का सैन्य हमला या कार्रवाई करने से पहले अमेरिकी संसद (कांग्रेस) की औपचारिक मंजूरी लेना अनिवार्य हो जाता। यानी राष्ट्रपति अपने स्तर पर ईरान के खिलाफ कोई भी बड़ा युद्ध या सैन्य फैसला नहीं ले पाते।
संसद की मंजूरी की मांग पर अड़ा विपक्ष
ईरान के साथ बढ़ते तनाव और संभावित जंग की आशंकाओं के बीच विपक्षी (डेमोक्रेटिक) सांसद लगातार यह मांग कर रहे हैं कि किसी भी सैन्य अभियान पर अंतिम फैसला संसद का ही होना चाहिए। इस प्रस्ताव के गिर जाने के बाद, इसे दोबारा सीनेट में लाने के लिए सांसदों को फिर से प्रयास करने होंगे। फिलहाल, सैन्य कार्रवाई को सीमित करने से जुड़ा यह विधेयक अमेरिकी सीनेट की ‘विदेश मामलों की समिति’ के पास विचारधीन है।






