रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर में ‘हिंदी खबर’ द्वारा आयोजित शाइनिंग छत्तीसगढ़ ‘शक्ति स्वरूपा’ कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देकर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाली महिलाओं का सम्मान किया और उनके साथ संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में नारी को शक्ति स्वरूपा माना गया है और जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का वास होता है। राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वावलंबन और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
महतारी वंदन योजना से आर्थिक स्वावलंबन
महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। अब तक 32 किस्तों में 20,700 करोड़ रुपए से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में सीधे अंतरित की जा चुकी है, जिससे उनके आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि हुई है।
14 लाख महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस पहल के तहत छत्तीसगढ़ ने निर्धारित 7.82 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 14 लाख ग्रामीण महिलाओं को लखपति दीदी बनाने में सफलता हासिल की है। प्रदेश में 2.98 लाख स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं विभिन्न आजीविकामूलक गतिविधियां संचालित कर रही हैं।
महतारी सदनों का निर्माण
महिला स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 481 महतारी सदनों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही उज्ज्वला योजना के तहत 39.73 लाख महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन प्रदान किए गए हैं।
बस्तर में नक्सल हिंसा से बंद 421 स्कूल फिर शुरू
नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में शांति और विश्वास की बहाली के साथ 421 बंद स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है। साथ ही, दूरस्थ अंचलों में बच्चों (विशेषकर बेटियों) की शिक्षा के लिए ओरछा और जगरगुंडा जैसी ‘एजुकेशन सिटी’ विकसित की जा रही हैं।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष जोर
आयुष्मान भारत योजना के तहत 2.49 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड और 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6.21 लाख वय-वंदना कार्ड जारी किए गए हैं। गर्भवती महिलाओं, किशोरियों में एनीमिया की रोकथाम और आंगनबाड़ी सेवाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है।
आधुनिक उद्योगों और खेलों में महिलाओं की भागीदारी
नई औद्योगिक नीति में आईटी, एआई, खाद्य प्रसंस्करण और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के रोजगार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बेटियों (जैसे ज्ञानेश्वरी यादव, संजू देवी रावत, किरण पिस्दा) को शासकीय पदों और प्रोत्साहन राशि से सम्मानित किया गया है।






