जगदलपुर। झीरम घाटी नरसंहार मामले में 10 आरोपियों को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी ने जांच को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पत्रकार वार्ता में प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अदालत, राष्ट्रीय जांच एजेंसी और सरकार के सामने कुछ सवाल रखे हैं। सोरी का कहना है कि झीरम बस्तर की बड़ी त्रासदी थी और शहीद परिवारों को न्याय मिलना चाहिए, लेकिन घटना की पूरी सच्चाई सामने आना भी जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह किसी हिंसा का समर्थन नहीं करतीं और न ही किसी आरोपी के बचाव में खड़ी हैं। उनका कहना है कि घटना की पूरी साजिश, योजना और कमांड स्ट्रक्चर का पता लगाना जरूरी है।
फरार आरोपियों पर एनआईए से सवाल
उन्होंने एनआईए से पूछा कि 13 साल बाद फरार आरोपियों की जांच कहां तक पहुंची है और वर्तमान में कितने आरोपी फरार या वांछित हैं? 2015 के बाद जांच में क्या ठोस प्रगति हुई, यह भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
सरकार से रिपोर्ट और सच की मांग
सरकार से सोनी सोरी ने पूछा कि क्या 10 आरोपियों को सजा मिलने के साथ झीरम की जांच समाप्त मान ली गई है? यदि जांच अभी जारी है तो उसकी प्रगति पर सार्वजनिक रिपोर्ट कब जारी की जाएगी? उन्होंने पीड़ित परिवारों को न्यायिक प्रक्रिया की जानकारी देने और मृत्युदंड पाए आरोपियों को अपील व कानूनी सहायता का पूरा अवसर देने की बात कही। सोनी सोरी ने कहा कि माओवादी हिंसा गलत है और नेताओं, सुरक्षाबलों तथा निर्दोष लोगों की हत्या भी गलत है। झीरम के शहीद परिवारों को ऐसा न्याय चाहिए, जिसमें घटना की पूरी सच्चाई सामने आए और आने वाली पीढ़ियां भी यह कह सके कि सच सामने आया था।






