नई दिल्ली। बिहार की सियासत में शुक्रवार को एक बड़े बदलाव की आधिकारिक शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा सदस्य के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। संसद भवन में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम में राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने उन्हें उच्च सदन की सदस्यता दिलाई। नीतीश कुमार के दिल्ली प्रस्थान के साथ ही बिहार में उनके करीब दो दशक लंबे शासन का समापन होने जा रहा है।
14 अप्रैल को नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर संभव
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद अब राज्य की कमान किसके हाथ में होगी, इसे लेकर कयासों का बाजार गर्म है। सूत्रों के मुताबिक, NDA गठबंधन 14 अप्रैल को बिहार के नए मुख्यमंत्री का चुनाव कर सकता है।
गौरतलब है कि नीतीश कुमार अपनी भूमिका पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी, जिसके बाद 30 मार्च को बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।
बिहार में काम पूरा हुआ, अब दिल्ली की बारी
शपथ ग्रहण से एक दिन पहले दिल्ली पहुंचे नीतीश कुमार ने अपने इरादे साफ कर दिए थे। उन्होंने पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा- मैंने बिहार में बहुत कुछ हासिल किया है और काफी काम पूरा कर लिया है। अब मुझे लगा कि मुझे यहाँ (दिल्ली) रहना चाहिए। मैं अगले तीन-चार दिनों में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दूंगा।
मंत्रिमंडल में दिखेंगे नए चेहरे
नीतीश कुमार ने न केवल नए मुख्यमंत्री बल्कि पूरे प्रशासन में बड़े बदलाव के संकेत दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, ताकि राज्य के विकास को एक नई ऊर्जा और दिशा मिल सके।
बिहार की राजनीति में एक नई पीढ़ी का उदय होगा
वर्तमान में, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेतृत्व और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के बीच नए नेता के चयन को लेकर गहन मंथन जारी है। माना जा रहा है कि इस बदलाव के साथ बिहार की राजनीति में एक नई पीढ़ी का उदय होगा।

















