भारत के प्रधानमंत्री मोदी को इजराइल की संसद ने “नेसट अध्यक्ष पदक” से सम्मानित किया। भारतीय प्रधानमंत्री मोदी यह पदक प्राप्त करने वाले पहले व्यक्ति होंगे। यह कनेसट का सर्वोच्च सम्मान है। भारत और इजराइल के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत नेतृत्व के माध्यम से किए गए असाधारण योगदान को मान्यता देते हुए यह पदक प्रदान किया जा रहा है।
फिलिस्तीन राज्य का भी ग्रैंड कॉलर सम्मान है
प्रधानमंत्री मोदी उन चुनिंदा विश्व नेताओं में से हैं, जिन्हें इजराइल और फिलिस्तीन दोनों देशों से सर्वोच्च पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फिलिस्तीन राज्य का ग्रैंड कॉलर प्रदान किया गया, जो विदेशी नेताओं के लिए सर्वोच्च फ़िलिस्तीनी सम्मान है।
भारत पूरे दृढ़ विश्वास के साथ इजराइल के साथ खड़ा है
PM मोदी ने इजराइली संसद को संबोधित करते हुए कहा कि मेरा जन्म उसी दिन हुआ था जिस दिन भारत ने औपचारिक रूप से इजराइल को मान्यता दी थी, 17 सितंबर, 1950 को। मैं 7 अक्टूबर को हमास द्वारा किए गए बर्बर आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति और हर उस परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं, जिनका जीवन तबाह हो गया। हम आपके दर्द को समझते हैं, हम आपके शोक में आपके साथ हैं। भारत इस समय और भविष्य में भी पूरे दृढ़ विश्वास के साथ इजराइल के साथ खड़ा है।
मोदी ने कहा – ‘भारत ने भी लंबे समय तक आतंकवाद का दर्द सहा है‘
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि नागरिकों की हत्या को कोई भी कारण जायज नहीं ठहरा सकता। आतंकवाद को कोई भी चीज जायज नहीं ठहरा सकती। भारत ने भी लंबे समय तक आतंकवाद का दर्द सहा है। हमें 26/11 मुंबई हमले और उनमें जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों की याद है, जिनमें इजराइली नागरिक भी शामिल थे। आपकी तरह, हमारी भी आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति है, जिसमें कोई दोहरा मापदंड नहीं है।
एयरपोर्ट पर नेतन्याहू-मोदी ने प्राइवेट बातचीत की
इससे पहले एयरपोर्ट पर ही PM मोदी और नेतन्याहू ने राजधानी तेल अवीव में प्राइवेट बातचीत भी की। इसके बाद वे होटल पहुंचे जहां, प्रवासी भारतीयों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान कलाकारों ने परफॉर्मेंस भी दी। मोदी का यह 9 साल बाद दूसरा इजराइल दौरा है। इससे पहले वे जुलाई 2017 में तेल अवीव गए थे।






