लखनऊ। प्लेऑफ के दरवाजे पर खड़ी चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के लिए अब हर मुकाबला करो या मरो वाला हो गया है। अंक तालिका में पांचवें स्थान पर मौजूद सीएसके के सामने जीत ही एकमात्र विकल्प है। ऐसे में टीम इकाना स्टेडियम में हर हाल में दो अंक हासिल कर प्लेऑफ की उम्मीदों को मजबूत करना चाहेगी।
दूसरी ओर प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी लखनऊ सुपर जायंट्स (एलएसजी) बिना किसी दबाव के मैदान में उतरेगी। घरेलू दर्शकों के सामने एलएसजी की नजर दूसरी जीत दर्ज कर अपनी साख बचाने पर होगी। टीम के विस्फोटक बल्लेबाजों की फौज किसी भी टीम का खेल बिगाड़ने का दम रखती हैं। ऐसे में गुरुवार को दोनों टीमों के बीच हाईवोल्टेज मुकाबले की उम्मीद है।
जहां एक ओर सीएसके प्लेऑफ का टिकट पक्का करने की लड़ाई लड़ेगी, तो दूसरी ओर एलएसजी सम्मान बचाने के इरादे से पूरी ताकत झोंकेगी। इस मैच में एलएसजी का लक्ष्य सीएसके से पिछले मुकाबले में मिली हार का हिसाब बराबर करना भी होगा।
एलएसजी भले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी हो लेकिन विरोधी टीमों के खिलाफ वह किसी तरह की मुरव्वत नहीं बरतने वाली। ऐसे में सीएसके के लिए यहां जीत की राह आसान नहीं होगी। टीम के सलामी बल्लेबाज मिचेल मार्श शानदार लय में चल रहे हैं और 11 मैचों में 377 रन बना चुके हैं। जोश इंग्लिश ने चेन्नई के खिलाफ पिछले मुकाबले में सिर्फ 33 गेंदों पर 85 रन की विस्फोटक पारी खेलकर गेंदबाजों को पहले ही अपने तेवर दिखा चुके हैं।
दोनों बल्लेबाज सीएसके के गेंदबाजों के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकते हैं। इकाना में पिछले मैच में आरसीबी के विराट कोहली का विकेट लेकर सुर्खियां बटोरने वाले तेज गेंदबाज प्रिंस यादव ने 10 मुकाबलों में 16 विकेट लेकर अपनी धारदार गेंदबाजी से खास पहचान बनाई है। मो. शमी और राठी भी सीएसके के बल्लेबाजों को खुलने का मौका नहीं देंगे। चेन्नई के खिलाफ मुकाबले में लखनऊ का टीम प्रबंधन बेंच स्ट्रेंथ पर भी दांव खेल सकता है और कुछ नए खिलाड़ियों को मौका देकर सभी को चौंका सकता है।
महेंद्र सिंह धौनी के बिना भी सीएसके जीत के ट्रैक पर दौड़ रही है। टी-20 विश्वकप में भारत की जीत के हीरो रहे कप्तान संजू सैमसन ने इस सीजन में 11 मैचों में 53.75 की शानदार औसत से 430 रन ठोककर सीएसके की प्लेऑफ उम्मीदों को नई उड़ान दी है। वहीं ऋतुराज गायकवाड़ ने कप्तानी के साथ बल्लेबाजी में भी निरंतरता दिखाई है और 11 मैचों में 293 रन बनाकर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई है। पिछले मुकाबले में लखनऊ के खिलाफ सिर्फ 13 गेंदों में तूफानी अर्धशतक जड़ने वाले उर्विल पटेल ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरी हैं।
कहर बनकर टूटी गेंदबाज अंशुल काम्बोज और जेमी ओवरटन की जोड़ी
गेंदबाजी में अंशुल काम्बोज और जेमी ओवरटन की जोड़ी विपक्षी बल्लेबाजों पर कहर बनकर टूटी है। अंशुल ने 11 मैचों में 19 विकेट लेकर शानदार लय दिखाई है, जबकि ओवरटन ने 10 मुकाबलों में 14 विकेट चटकाकर आक्रमण को धार दी है। मध्यक्रम में शिवम दुबे हमेशा शानदार फिनिशर साबित हुए हैं।
धोनी पर संशय बरकरार
पहले अभ्यास सत्र में पिंडली में खिंचाव के कारण चोटिल हुए महेंद्र सिंह धौनी अभी तक एक भी मुकाबला नहीं खेल सके हैं। जानकारी के मुताबिक वह अब फिट होकर अभ्यास कर रहे हैं, लेकिन उनकी वापसी पर संशय है। लखनऊ के खिलाफ होने वाले मुकाबले के लिए अभी तक वह टीम से नहीं जुड़े हैं।






