बलौदाबाजार। जिला मुख्यालय के व्यस्ततम मुख्य मार्ग पर इन दिनों डिवाइडर निर्माण और अवैध कटों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। एक ओर नगर पालिका परिषद द्वारा बिना अनुमति, बिना तकनीकी सर्वे और बिना विभागीय अनुशंसा के नए डिवाइडर निर्माण की प्रक्रिया की जा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रभावशाली लोगों द्वारा नियमों को दरकिनार कर डिवाइडरों को तोड़कर अवैध रास्ते बनाए जा रहे हैं। इस दोहरी स्थिति ने शहर की यातायात व्यवस्था को गंभीर संकट में डाल दिया है।
जानकारी के अनुसार, अंबेडकर चौक सहित मुख्य मार्ग पर यूनीपोल (लाइट एवं विज्ञापन युक्त पोल) स्थापना के लिए नगर पालिका द्वारा सड़क के बीचों-बीच नया डिवाइडर बनाने हेतु खुदाई की जा रही है। इस प्रस्ताव का स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों ने कड़ा विरोध करते हुए इसे जनहित के खिलाफ बताया है। उनका कहना है कि पहले से ही तकनीकी मानकों के अनुसार डिवाइडर निर्मित है, ऐसे में नया निर्माण यातायात को और बाधित करेगा, खासकर तब जब चौक का क्षेत्र अपेक्षाकृत संकरा है।
इसी बीच शहर के इसी मुख्य मार्ग पर अवैध कटों का जाल भी तेजी से फैलता जा रहा है। महज साढ़े तीन किलोमीटर के दायरे में करीब 20 स्थानों पर डिवाइडर को तोड़कर रास्ते बना दिए गए हैं। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, कुछ रसूखदार व्यक्तियों ने अपने निजी लाभ के लिए इन कटों का निर्माण कराया है। इसके चलते वाहन चालकों को अचानक दिशा बदलनी पड़ती है, जिससे आमने-सामने की टक्कर और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालक इन अनियमित कटों के कारण सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में इस मार्ग पर 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 120 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इसके बावजूद अब तक संबंधित विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। कई बार शिकायतें और ज्ञापन दिए जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे आम नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
मामले में एक और चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि विनायकम कॉलोनी के सामने डिवाइडर को काटने की कोशिश पहले से ही सुनियोजित तरीके से की जा रही थी। आरोप है कि कुछ दिन पहले डिवाइडर पर लगी लोहे की जालियां हटाकर पहले माहौल का आकलन किया गया और जब कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो डिवाइडर काटकर रास्ता बनाने का प्रयास किया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों के बयानों से भी स्थिति की गंभीरता उजागर होती है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी आशीष तिवारी ने स्पष्ट किया कि नए डिवाइडर निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग से कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया गया है और न ही यातायात प्रभाव का कोई सर्वे कराया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि विनायकम कॉलोनी के सामने डिवाइडर तोड़ने का प्रयास करने वाले कॉलोनाइजर नीतेश शर्मा को नोटिस जारी कर यथास्थिति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
डिवाइडर तोड़ने की नहीं दी गई अनुमति
वहीं लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता अनुज शर्मा ने बताया कि भाटापारा से अंबेडकर चौक तक का मार्ग उनके विभाग के अधीन है और इस पर किसी नए डिवाइडर निर्माण की अनुमति नहीं दी गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के एसडीओ शैलेश सूर्यवंशी ने भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130बी के अंतर्गत आने वाले हिस्से में डिवाइडर तोड़ने की कोई अनुमति नहीं दी गई है। यातायात विभाग के डीएसपी संजय साहू ने भी कहा कि उनके विभाग से न तो नए डिवाइडर निर्माण और न ही पुराने डिवाइडर हटाने के संबंध में कोई सलाह या अनुशंसा ली गई है।
कटे डिवाइडर को बंद कराने उठी मांग
स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मार्ग का तकनीकी सर्वे कर सभी अवैध कटों को तत्काल बंद किया जाए, क्षतिग्रस्त डिवाइडरों की मरम्मत कराई जाए और बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण कार्यों पर रोक लगाई जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कर सुरक्षित एवं सुगम यातायात व्यवस्था बहाल की जाए।






