कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 39 मेडल अपने नाम किए और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। इस प्रतियोगिता में भारत के नाम कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड और प्रेरणादायक पल दर्ज हुए।
कॉमनवेल्थ गेम्स के 10 यादगार मोमेंट्स और रिकॉर्ड्स
- राष्ट्रगान सुनकर रो पड़ीं मीराबाई चानू
वेटलिफ्टिंग में लगातार तीसरा गोल्ड मेडल जीतने के बाद जब राष्ट्रगान बजा, तो मीराबाई चानू अपने आंसुओं को रोक न सकीं और भावुक हो गईं।
- तेजस्विन शंकर का चोट के बावजूद ऐतिहासिक प्रदर्शन
घुटने में चोट के बावजूद तेजस्विन शंकर ने डेकाथलन के सभी 10 इवेंट्स में भाग लिया और भारत को इस स्पर्धा का पहला मेडल दिलाया। इस दौरान वे साथी खिलाड़ियों की कोचिंग करते भी दिखे।

- जूडो में अस्मिता डे का पहला गोल्ड
त्रिपुरा की अस्मिता डे ने आर्थिक तंगी से उबरकर भारत को कॉमनवेल्थ इतिहास का पहला जूडो गोल्ड दिलाया। फाइनल में पिछड़ने के बाद उन्होंने जबरदस्त वापसी की।

- जैवलिन में नीरज को सिल्वर, यशवीर बने सरप्राइज स्टार
जैवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा ने सिल्वर जीता। वहीं, अंतिम थ्रो से पहले आठवें स्थान पर चल रहे यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर का पर्सनल बेस्ट थ्रो फेंककर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

- ट्रैक एंड फील्ड में गुलवीर सिंह का डबल धमाल
गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर में सिल्वर और 5,000 मीटर में ब्रॉन्ज जीतकर इतिहास रचा। वे एथलेटिक्स में दो मेडल जीतने वाले पहले भारतीय बने।
- बिना खेले लवलीना का मेडल हुआ तय
महिला 75 किग्रा वर्ग में केवल 5 मुक्केबाज होने के कारण लवलीना बोरगोहेन सीधे सेमीफाइनल में पहुंच गईं। उन्होंने दो में से एक मुकाबला जीतकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
- प्रवीण चित्रावेल ने पूरा किया चार साल पुराना सपना
2022 में महज 3 सेमी से मेडल गंवाने वाले ट्रिपल जम्पर प्रवीण चित्रावेल ने इस बार 16.58 मीटर की छलांग लगाकर सिल्वर मेडल जीता।

- मुक्केबाजों का दबदबा – 5 महिलाओं ने जीता गोल्ड
भारत की 6 में से 5 महिला बॉक्सरों (साक्षी, प्रीति, जैस्मिन, प्रिया और अरुंधति) ने गोल्ड मेडल जीता। कुल 10 भारतीय बॉक्सर फाइनल में पहुंचे, जिनमें से 7 ने गोल्ड और 3 ने सिल्वर जीता।
- पैरा एथलेटिक्स में 3 डबल पोडियम
भारत ने पैरा एथलेटिक्स की तीन अलग-अलग स्पर्धाओं (महिला शॉटपुट, 100 मीटर दौड़, पुरुष शॉटपुट) में एक साथ दो-दो मेडल जीतकर डबल पोडियम हासिल किया।
- सब्जी और ई-रिक्शा बेचने वाले झंडू कुमार ने खोला मेडल का खाता
पोलियो से प्रभावित पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने भारत को पहला मेडल दिलाया। ट्रेनिंग के लिए ई-रिक्शा तक बेचने वाले झंडू का यह सफर बेहद प्रेरणादायक रहा।






