रायपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित जिले के प्रभारी मंत्री मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में पहुंचे। यहां पर सत्ता और संगठन में तालमेल को लेकर घंटों मंथन चला। क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और पवन साय ने प्रभारी मंत्रियों से वन टू वन बात करके जानने का प्रयास किया कि उनके जिले में क्या-क्या चल रहा है। पहले दिन 16 जिलों पर चर्चा की गई। बुधवार को शेष 17 जिलों पर चर्चा होगी।
जिलों में सक्रियता और कार्यकर्ताओं पर फोकस
सभी प्रभारी मंत्रियों को दो माह पहले मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक में दो माह का अल्टीमेटम दिया गया था। अब दो माह उनके कामों की समीक्षा की जा रही है। दो माह पहले मुख्यमंत्री निवास में एक बड़ी बैठक हुई थी। इस बैठक में प्रभारी मंत्रियों को साफ शब्दों में कहा गया था कि जिलों के प्रभारियों के हिसाब से काम किया जाए और कार्यकर्ताओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।
हर माह की बैठकों और जनता से जुड़े कामों का लिया जाएगा हिसाब
प्रभारी मंत्रियों को जिलों पर पूरा फोकस करने की नसीहत दी गई थी। मंत्रियों से साफ कहा गया था, जनता में असंतोष नहीं होना चाहिए। जनता के हितों के कामों को प्राथमिकता के साथ किया जाए। इसी के साथ हर माह बैठक लेने भी कहा गया था और बैठकों में अनिवार्य रूप से रहने के निर्देश दिए गए थे। अब इसी की समीक्षा करने का काम संगठन कर रहा है कि जिलों में दो माह में क्या-क्या हुआ है।
सीएम के साथ भी बैठक
शाम को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी पहुंचे। इसके बाद प्रभारी मंत्रियों, विधायकों और सांसद सहित प्रदेश के पदाधिकारियों के साथ सत्ता और संगठन के तालमेल को लेकर लंबा मंथन किया गया। बैठक में प्रदेश संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी शामिल हुए। दूसरे दिन बुधवार को फिर से 17 जिलों के प्रभारी मंत्रियों, विधायक, सांसद और जिलाध्यक्षों, जिलों के प्रभारियों के साथ बैठक होगी। बैठक में जिलों की समीक्षा करके जानने का प्रयास होगा कि जिलों में काम की गति कैसी है, कहीं कोई परेशानी तो नहीं है। जो भी कमियां सामने आएंगी उनको तालमेल के साथ सुलझाया जाएगा।
प्रभारी मंत्रियों की दो दिनों की बैठक तय
ठाकरे परिसर में प्रभारी मंत्रियों की दो दिनों की बैठक तय की गई है। पहले दिन मंगलवार को 16 जिलों के प्रभारी मंत्रियों से चर्चा की गई। इसमें डिप्टी सीएम अरुण साव, केदार कश्यप, लखन लाल देवांगन, दयालदास बघेल, राजेश अग्रवाल शामिल हैं। प्रभारी मंत्रियों के साथ ही जिलों के प्रभारी, जिलाध्यक्षों, विधायकों और सांसदों को भी बुलाया गया। सभी से पूरी जानकारी ली गई कि उनके जिले में काम ठीक चल रहा है या क्या कोई कमी है।
समस्याओं पर ली गई जानकारी
प्रभारी मंत्रियों की बैठक के बारे में जानकारी ली गई कि मंत्री बैठक ले रहे हैं या नहीं ले रहे हैं। समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली गई। जिन जिलों से समस्याओं की जानकारी सामने आई, उनके समाधान के लिए भी कहा गया। प्रशासनिक स्तर की भी जानकारी ली गई कि प्रशासनिक स्तर पर जिले में क्या स्थिति है।
योजनाओं और संगठन की स्थिति पर लिया फीडबैक
जिलों में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को लेकर भी जानकारी ली गई। संगठन को लेकर भी जानकारी ली गई कि जिलों में संगठन की पूरी टीम बनी है या नहीं। सभी प्रभारी मंत्रियों से जिलों के प्रभारियों, जिलाध्यक्षों के साथ तालमेल के साथ काम करने के लिए कहा गया।






