रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को बालोद जिले के डौंडीलोहारा में आयोजित महतारी वंदन सम्मान समारोह में योजना की 31वीं किस्त की राशि हितग्राहियों के बैंक खातों में अंतरित की। प्रदेश की 67 लाख 28 हजार 918 महिलाओं के खातों में कुल 631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 रुपये की राशि ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री साय ने बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि माताओं-बहनों के चेहरे पर मुस्कान, उनका आत्मविश्वास और उनका आशीर्वाद ही सरकार की सबसे बड़ी ताकत है।
रक्षाबंधन से पहले सितंबर की किस्त भी जारी
डौंडीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन को देखते हुए सरकार ने सितंबर माह की किस्त भी निर्धारित समय से पहले 25 अगस्त को ही जारी करने का निर्णय लिया है, ताकि बहनें त्योहार की खुशियां और उत्साह के साथ मना सकें। बालोद जिले के 2 लाख 45 हजार 28 हितग्राहियों सहित प्रदेशभर की महिलाओं को इस किस्त का लाभ मिला है।
‘महतारी वंदन’ सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। इस योजना ने महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत किया है। महिलाएं योजना की राशि का उपयोग स्वास्थ्य, पोषण, बच्चों की पढ़ाई, बचत और छोटे कारोबार जैसी जरूरतों के लिए कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की माताओं-बहनों के खातों में करीब 20 हजार करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जा चुकी है।
महिलाओं ने मुख्यमंत्री को सुनाई आत्मनिर्भरता की कहानी
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की पांच हितग्राही महिलाओं से सीधा संवाद किया। महिलाओं ने बताया कि नियमित आर्थिक सहायता से उन्हें घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आर्थिक फैसले लेने में भी आत्मविश्वास मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई महिला योजना की राशि बचत, बच्चों की शिक्षा या स्वरोजगार में लगाती है, तो यही योजना की वास्तविक सफलता है। सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ की हर माता-बहन आत्मनिर्भर बने।
13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने ड्रोन दीदी पहल का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अब आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर कृषि कार्यों में सेवाएं दे रही हैं और आय अर्जित कर रही हैं।
बालोद जिले को करीब 102 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात
महतारी वंदन सम्मान समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने बालोद जिले को लगभग 102 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने कई विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने डौंडीलोहारा नगर पंचायत में सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा की। इसके अलावा खरखरा जलाशय में लिफ्ट इरिगेशन, पूरक नहर के जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण और धनगांव जलाशय के शीर्ष कार्य वियर के साथ नहर रिमॉडलिंग-लाइनिंग कार्य की भी घोषणा की। डौंडीलोहारा में मस्जिद चौक से शास्त्री नगर मार्ग पर करीब 5 करोड़ रुपये की लागत से पुलिया निर्माण और संबलपुर से भीमकन्हार-मुड़िया मार्ग के निर्माण के लिए करीब 19 करोड़ रुपये की स्वीकृति की घोषणा की गई।
बस्तर में शांति के साथ विकास की नई राह : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नक्सलवाद के कारण लंबे समय तक बस्तर विकास की मुख्यधारा से पीछे रहा, लेकिन अब क्षेत्र में शांति और विश्वास का नया दौर शुरू हुआ है। उन्होंने कहा कि सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएं दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर में शांति स्थापित होने के साथ विकास, पर्यटन, उद्योग और रोजगार की नई संभावनाएं भी खुल रही हैं और आने वाले समय में बस्तर छत्तीसगढ़ के विकास की नई पहचान बनेगा।
विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ काम कर रही है। मातृशक्ति का आर्थिक सशक्तिकरण, किसानों की समृद्धि, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर और जनजातीय क्षेत्रों का विकास विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेंगे।






