छत्तीसगढ़

अब स्कूलों में ही होगी JEE-NEET की तैयारी : CBSE का नया सिलेबस लागू

रायपुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्कूली शिक्षा में बदलाव करने का निर्णय लिया है। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य बढ़ते डमी स्कूल कल्चर को खत्म करना और छात्रों को कोचिंग संस्थानों के बजाय दोबारा स्कूलों की मुख्यधारा से जोड़ना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत किए जा रहे इन सुधारों का सीधा असर वर्ष 2028 की बोर्ड परीक्षाओं में देखने को मिलेगा।

गणित और विज्ञान में एडवांस लेवल का विकल्प रहेगा

अब छात्रों को गणित और विज्ञान जैसे विषयों में अपनी क्षमता के अनुसार चुनाव करने का अवसर मिलेगा। सत्र 2026-27 से 9वीं कक्षा में इन विषयों के दो स्तर स्टैंडर्ड और एडवांस होंगे। सभी के लिए सामान्य पेपर अनिवार्य होगा। एडवांस स्तर चुनने वाले छात्रों को 25 अंकों की अतिरिक्त परीक्षा देनी होगी। इसमें उच्च-स्तरीय चिंतन कौशल और विश्लेषणात्मक सवाल होंगे, जो सीधे तौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं JEE/NEET के पैटर्न पर आधारित होंगे। इन अंकों को मुख्य प्रतिशत में नहीं जोड़ा जाएगा, बल्कि मार्कशीट में अलग योग्यता के रूप में दिखाया जाएगा।

नए ढांचे में भाषा शिक्षण पर विशेष जोर

नए ढांचे में भाषा शिक्षण पर विशेष जोर दिया गया है। सत्र 2026-27 से कक्षा 6वीं में तीसरी भाषा अनिवार्य हो जाएगी। इसे चरणबद्ध तरीके से 2030-31 तक 10वीं तक लागू किया जाएगा। प्रत्येक छात्र को कम से कम दो भारतीय भाषाएं पढ़नी होंगी। 10वीं बोर्ड परीक्षा में बैठने के लिए इन भाषाओं को पास करना अनिवार्य होगा।

थिंकिंग को औपचारिक मूल्यांकन का हिस्सा बनाया

टेक्नोलॉजी के बढ़ते महत्व को देखते हुए सीबीएसई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग को औपचारिक मूल्यांकन का हिस्सा बनाया है। कक्षा 3वीं से 8वीं तक इसे गतिविधियों के माध्यम से सिखाया जाएगा।  सत्र 2027-28 से माध्यमिक स्तर पर यह एक विषय के रूप में लागू होगा। 2029 तक इन विषयों का बोर्ड परीक्षाओं में औपचारिक मूल्यांकन भी शुरू हो जाएगा।

अब रटने की प्रवृत्ति को छोड़ एप्लीकेशन आधारित शिक्षा पर फोकस 

बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि अब रटने की प्रवृत्ति को छोड़कर एप्लीकेशन आधारित शिक्षा पर फोकस रहेगा। नया परीक्षा पैटर्न में 2028 की बोर्ड परीक्षा में 50 प्रतिशत सवाल केस स्टडी, डेटा एनालिसिस और एप्लीकेशन आधारित होंगे। स्कूलों को बैगलेस डे और हल्के टाइमटेबल लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।  9वीं में समाज में व्यक्ति और 10वीं में पर्यावरण शिक्षा जैसे कौशल आधारित विषय जोड़े जाएंगे। आंतरिक मूल्यांकन को चार भागों – आवधिक परीक्षण, एकाधिक मूल्यांकन, पोर्टफोलियो और विषय संवर्धन में बांटा गया है।

BABU RAO

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