छत्तीसगढ़

DRI की बड़ी कार्रवाई : जगदलपुर में 16 किलो पैंगोलिन शल्क के साथ तस्करी सिंडिकेट का भंडाफोड़

जगदलपुर। छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों के अंगों की तस्करी करने वाले गिरोह के खिलाफ राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) को बड़ी सफलता मिली है। DRI की नागपुर इकाई ने बस्तर संभाग के जगदलपुर में एक सुनियोजित कार्रवाई करते हुए पैंगोलिन के शल्कों (Scales) की तस्करी में शामिल एक सिंडिकेट को पकड़ा है। टीम ने आरोपियों के पास से 16.528 किलोग्राम पैंगोलिन शल्क बरामद किए हैं।

घेराबंदी कर दबोचे गए तीन आरोपी

मुंबई जोनल यूनिट के मार्गदर्शन में काम कर रही DRI नागपुर की टीम ने जगदलपुर में जाल बिछाकर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से पैंगोलिन के भारी मात्रा में शल्क बरामद हुए। जब्त किए गए इन शल्कों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी ऊंची कीमत बताई जा रही है।

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई

अधिकारियों के मुताबिक, पैंगोलिन वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में शामिल है। इसका अर्थ है कि इसे भारत में बाघों और शेरों के समान ही उच्चतम स्तर का कानूनी संरक्षण प्राप्त है। इस कानून के तहत पैंगोलिन या उसके किसी भी अंग का व्यापार पूर्णतः प्रतिबंधित और दंडनीय अपराध है। पकड़े गए आरोपियों और जब्त शल्कों को आवश्यक औपचारिकताओं के बाद जगदलपुर रेंज के वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया है। अब आगे की कानूनी कार्यवाही वन विभाग द्वारा की जाएगी।

सक्रिय है अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क

DRI ने अपने बयान में खुलासा किया कि वर्ष 2025 से अब तक उन्होंने वन्यजीव तस्करी के कई बड़े नेटवर्क को ध्वस्त किया है। इसमें मध्य प्रदेश के उज्जैन और भोपाल में तेंदुए की खाल, सिवनी में बाघ के शावक के अंगों की तस्करी और आंध्र प्रदेश में पैंगोलिन शल्क की तस्करी से जुड़े मामले शामिल हैं। जगदलपुर की इस कार्रवाई ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्रों के रास्ते वन्यजीव तस्करी का एक बड़ा सिंडिकेट सक्रिय है, जिस पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर रखे हुए हैं।

BABU RAO

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