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छत्तीसगढ़ में सुशासन का नया सवेरा और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का ‘विष्णु-राज’

छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर ‘सुशासन’ सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि आम जनता के जीवन में आ रहा एक बड़ा बदलाव है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिन (25 दिसंबर) को मनाए जाने वाले ‘सुशासन तिहार’ (सुशासन उत्सव) के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और त्वरित न्याय की एक नई मिसाल पेश की है।

 वादे से ज्यादा काम : ‘मोदी की गारंटी’ को मिला धरातल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सत्ता संभालते ही कैबिनेट की पहली बैठक में उन वादों को पूरा करने का संकल्प लिया, जो सीधे गरीब और किसानों से जुड़े थे। सुशासन की पहली झलक तब दिखी जब सरकार ने पहली ही कैबिनेट में राज्य के 18 लाख गरीब परिवारों को पक्का मकान (पीएम आवास) देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। छत्तीसगढ़ के रीढ़ कहे जाने वाले किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी और 3100 रूपये  प्रति क्विंटल का भुगतान कर साय सरकार ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी।

महतारी वंदन योजना : महिला सशक्तिकरण का नया अध्या

सुशासन का सबसे संवेदनशील चेहरा ‘महतारी वंदन योजना’ के रूप में सामने आया। इसके तहत राज्य की लाखों शादीशुदा महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने 1,000 अर्थात सालाना 12,000 रुपए की राशि सीधे ट्रांसफर की जा रही है। बिचौलियों की विदाई और सीधे हकदार तक लाभ पहुंचाना ही इस सरकार के सुशासन का असली मंत्र है।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और पारदर्शिता

विष्णुदेव साय की कार्यशैली बेहद शांत लेकिन कड़े फैसले लेने वाली रही है। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले CGPSC घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपकर मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि सुशासन में युवाओं के हक पर डाका डालने वालों की कोई जगह नहीं है। इसी तरह सरकारी योजनाओं में तकनीकी का उपयोग बढ़ाकर भ्रष्टाचार और लेटलतीफी को खत्म किया गया है।

बस्तर और सरगुजा का विकास है विश्वास की बहाली

माओवाद प्रभावित बस्तर और सुदूर सरगुजा के क्षेत्रों में ‘नियद नेल्लानार’ (आपका अच्छा गांव) जैसी योजनाओं के जरिए बुनियादी सुविधाएं जैसे सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य को अंदरूनी गांवों तक पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री का मानना है कि गोली की गूंज से ज्यादा विकास की धमक जरूरी है।

हर व्यक्ति को मिल रहा योजनाओं का लाभ

“सुशासन का मतलब केवल नियम-कानून चलाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पहुंचाना है। हमारी सरकार छत्तीसगढ़ के हर नागरिक के हक की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।”

विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

भरोसे का नया नाम ‘विष्णु-राज’

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ‘सुशासन तिहार’ को केवल एक दिन के उत्सव के रूप में नहीं, बल्कि 365 दिन की कार्यशैली के रूप में जी रहा है। सहज, सरल और आदिवासी समाज से आने वाले विष्णुदेव साय का नेतृत्व आज छत्तीसगढ़ को एक ‘विकसित राज्य’ बनाने की दिशा में तेजी से आगे ले जा रहा है, जहां विकास का केंद्र बिंदु केवल और केवल राज्य की जनता है।

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