छत्तीसगढ़

दल्लीराजहरा में सप्ताहभर से रोज मर रहे हैं सैकड़ों चमगादड़ : बीएसपी प्रबंधन पर लापरवाही के गंभीर आरोप, डीएफओ ने लगाई फटकार

दल्लीराजहरा। नगर के बीएसपी एमवीटी सेंटर क्षेत्र स्थित बीएसपी प्रशिक्षण केंद्र के आसपास पिछले एक सप्ताह से बेजुबान जीवों की मौत का एक खौफनाक और दर्दनाक सिलसिला जारी है। भीषण गर्मी और गर्म हवाओं लू के थपेड़ों के बीच प्रतिदिन लगभग 350 चमगादड़ पेड़ों से गिरकर दम तोड़ रहे हैं।

लगातार हो रही इन मौतों के कारण पूरे इलाके में सड़ांध, संक्रमण और भय का माहौल व्याप्त है। इस संवेदनशील मामले में भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) प्रबंधन की घोर संवेदनहीनता और लापरवाह रवैया खुलकर सामने आया है, जिससे स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों में भारी आक्रोश है।

रोजाना ट्रॉली में भरकर ले जाए जा रहे मृत चमगादड़

स्थानीय निवासियों के अनुसार, इन विशाल पेड़ों पर पिछले कई दशकों से हजारों चमगादड़ों का बसेरा रहा है। इस वर्ष रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और बढ़ते तापमान के बावजूद बीएसपी प्रबंधन द्वारा वन्यजीवों के संरक्षण, छाया या पानी की उपलब्धता के लिए कोई गंभीर पहल नहीं की गई। इसका नतीजा यह हुआ कि डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के कारण चमगादड़ सामूहिक रूप से मरने लगे। स्थिति की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि नगर पालिका के सफाई कर्मचारी प्रतिदिन ट्रॉली में भरकर मृत चमगादड़ों को ठिकाने लगा रहे हैं।

पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में भारी उबाल

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि चमगादड़ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, कीट नियंत्रण और परागण में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इतनी बड़ी संख्या में इनकी मौत प्रकृति के लिए खतरे की घंटी है। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने प्रबंधन को आड़े हाथों लिया है।  रमेश नेताम ने कहा बीएसपी प्रबंधन हमेशा पर्यावरण के मुद्दों पर गैर-जिम्मेदार रहा है।  देवेंद्र साहू  ने कहा यह केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि पूरी तरह से मानवीय लापरवाही का नतीजा है। कमलेश यादव ने का प्रबंधन को केवल अपने औद्योगिक उत्पादन और मुनाफे की चिंता है। जीव-जंतुओं की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता में कभी रही ही नहीं।  जितेन्द्र वर्मा ने कहा अगर अगले दो दिनों के भीतर व्यापक इंतजाम नहीं किए गए, तो स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाएगी।

 जिला वन मंडलाधिकारी पहुंचे मौके पर, प्रबंधन को लगाई कड़ी फटकार

लगातार हो रही मौतों की गूंज शासन-प्रशासन तक पहुंचने के बाद जिला वन मंडलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल तत्काल दल्लीराजहरा पहुंचे और प्रभावित क्षेत्र का बारीकी से निरीक्षण किया। जमीनी हकीकत देखकर उन्होंने मौके पर मौजूद बीएसपी के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।

डीएफओ अभिषेक अग्रवाल ने दिए कड़े निर्देश

वन्यजीवों की सुरक्षा केवल कागजों और बैठकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, वह धरातल पर दिखनी चाहिए। भीषण गर्मी में बड़े औद्योगिक संस्थानों की जिम्मेदारी बनती है कि वे पर्यावरण और बेजुबान जीवों के लिए पानी व सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करें। उन्होंने पेड़ों के आसपास कृत्रिम रूप से पानी के छिड़काव, सुरक्षा घेरा बनाने, नियमित निगरानी रखने और वन्यजीव विशेषज्ञों की तुरंत सहायता लेने के सख्त निर्देश दिए हैं।

चमगादड़ों की मौत को रोकने उठाए जा रहे आवश्यक कदम 

चमगादड़ों की मौत को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्र में दवाओं का छिड़काव कराया जा रहा है और पशु चिकित्सा विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है। अत्यधिक गर्मी के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण है, लेकिन हमारा प्रबंधन लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है।
 आर. बी. गहरवार, महाप्रबंधक, बीएसपी 

Related Posts