रायपुर। राजधानी रायपुर में वीआईपी भी अब साइबर ठगों और अपराधियों के निशाने पर हैं। रायपुर उत्तर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक शातिर ठग ने खुद को भाजपा के राष्ट्रीय नेता नितिन नबीन का निजी सहायक (PA) बताकर विधायक से 10 हजार रुपए ऐंठ लिए। ठग ने झांसा दिया कि उसकी गाड़ी संबलपुर के जंगलों में फंसी है और डीजल खत्म हो गया है।इस हाईप्रोफाइल मामले में रायपुर की खम्हारडीह थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की साइबर टीम आरोपी के मोबाइल नंबर और बैंक खातों को ट्रेस कर रही है।
‘मिस कॉल’ से शुरू हुआ ठगी का खेल, ओड़िया टोन पर हुआ भरोसा
विधायक पुरंदर मिश्रा ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि 25 मई को वे पार्टी के एक प्रशिक्षण शिविर में व्यस्त थे। इसी दौरान उनके व्हाट्सएप पर एक मिस कॉल आया। ट्रूकॉलर या अन्य माध्यम से चेक करने पर वह नंबर ‘नितिन नबीन के पीए’ के नाम से दिखा। जब विधायक ने उस नंबर पर कॉल बैक किया, तो सामने वाले ने कहा कि वे ओडिशा के संबलपुर से आगे जंगल के बीच फंसे हुए हैं और उनकी गाड़ी का डीजल खत्म हो गया है।
विधायक पुरंदर मिश्रा के मुताबिक– फोन पर बातचीत के दौरान उसने अपने ड्राइवर से भी बात कराई। ड्राइवर ओड़िया टोन में बात कर रहा था और उसने खुद को रायपुर के राम मंदिर के पास का रहने वाला बताया। बच्चों की आवाजें भी आ रही थीं। उसने डीजल के लिए 4500 रुपए मांगे थे, लेकिन मैंने इंसानियत के नाते और वापस आकर मिलने की बात कहकर 10 हजार रुपए ट्रांसफर करवा दिए।
दो किस्तों में भेजी गई रकम, दोबारा मांग पर खुला राज
ठग के झांसे में आकर विधायक पुरंदर मिश्रा ने अपने जगन्नाथ मंदिर के सेवक नारायण मिश्रा को तुरंत पैसे भेजने के निर्देश दिए। सेवक ने आरोपी के बताए बैंक खाते में दो अलग-अलग ट्रांजेक्शन (पहले 4500 रुपए और फिर 5500 रुपए) के जरिए कुल 10 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
रकम मिलने के कुछ ही देर बाद आरोपी ने दोबारा पैसों की मांग शुरू कर दी। बार-बार पैसे मांगने और उसकी बातचीत के तरीके पर जब शक हुआ, तो विधायक ने अपने स्तर पर इसकी वास्तविकता का पता लगाया। जांच करने पर खुलासा हुआ कि फोन करने वाला व्यक्ति कोई पीए नहीं, बल्कि एक शातिर फ्रॉड है। इसके बाद सेवक नारायण मिश्रा ने खम्हारडीह थाने में शिकायत दर्ज कराई।
एक हफ्ते में भाजपा के दो बड़े नेताओं के साथ वारदात
रायपुर में वीआईपी सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। महज एक हफ्ते पहले ही रायपुर में मॉर्निंग वॉक पर निकले भाजपा के सीनियर नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक के साथ भी लूट की वारदात हुई थी। बाइक सवार बदमाश उनके हाथ से मोबाइल छीनकर फरार हो गए थे। अब विधायक के साथ हुई इस ठगी ने पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस का हमला : “जब भाजपा नेता ही सुरक्षित नहीं, तो आम जनता का क्या होगा?”
इस मामले को लेकर प्रदेश में सियासत भी गरमा गई है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने बयान जारी कर कहा, “प्रदेश में चोरी, लूट, डकैती और हत्या जैसी वारदातें अब आम हो चुकी हैं। छत्तीसगढ़ में कोई भी सुरक्षित नहीं रह गया है। जब एक हफ्ते के भीतर सत्ताधारी दल के दो-दो बड़े नेताओं और विधायकों के साथ इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं, तो आम जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे अब भाजपा सरकार से भी नहीं डर रहे हैं।”
पुलिस और साइबर सेल की टीमें जांच में जुटीं
खम्हारडीह थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी (420 IPC/IT Act) का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिस नंबर से कॉल आया था, उसकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकाली जा रही है। साथ ही जिस बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं, उसे होल्ड कराने और ट्रांजेक्शन डिटेल के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने के लिए क्राइम ब्रांच की साइबर टीम को लगाया गया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।






