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पेपर लीक पर PM मोदी का बड़ा फैसला : दोषियों की सजा के लिए बनेंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट,  बोले- युवाओं के भविष्य से बढ़कर कुछ नहीं

नई दिल्ली। देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक के मामलों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एक बेहद अहम और कड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। पीएम मोदी ने घोषणा की है कि पेपर लीक के दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा।

यह ऐलान ऐसे समय में आया है जब NEET पेपर लीक मामले को लेकर विपक्षी दल संसद से लेकर सड़कों तक सरकार को घेर रहे हैं और विभिन्न संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है।

युवाओं का हित सर्वोच्च प्राथमिकता : PM मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा- देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

पहली बार पेपर लीक के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट

अब तक देश में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में धांधली से जुड़े मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में होती थी, जिससे अंतिम फैसला आने में सालों लग जाते थे। फास्ट ट्रैक कोर्ट बनने से इन मामलों की सुनवाई तेजी से होगी और दोषियों को बिना किसी देरी के सजा मिल सकेगी।

फास्ट ट्रैक कोर्ट का रिपोर्ट कार्ड

इसकी शुरुआत – वर्ष 2000 में 11वें वित्त आयोग की सिफारिश पर हुई थी। रेप और POCSO मामलों के लिए 2019 से 2025 तक बनीं फास्ट ट्रैक अदालतों ने 3.06 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया। इन अदालतों का केस निपटारे का ट्रैक रिकॉर्ड 96.28% रहा है।

NEET पेपर लीक कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं

21 जुलाई को NDA संसदीय दल की बैठक का हवाला देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि NEET मामले की जानकारी मिलते ही सरकार ने तुरंत एक्शन लिया।

मामले में 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए दोबारा परीक्षा कराई गई और समय पर परिणाम घोषित किए गए।

पीएम ने स्पष्ट किया कि NEET पेपर लीक कोई दलगत या राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए सरकार शीर्ष वकीलों की मदद ले रही है।

जेपी नड्डा का राहुल गांधी पर पलटवार

केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष के हमलों का जवाब दिया। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया कि जब कांग्रेस शासित राज्यों में पेपर लीक की घटनाएं होती हैं, तब राहुल गांधी चुप क्यों रहते हैं और सवाल क्यों नहीं उठाते ?

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