नई दिल्ली। लोकसभा में सोमवार को लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष के भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। छात्रों की पिटाई के मुद्दे पर तुरंत बहस की मांग को लेकर विपक्षी सांसद वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे, जिसके चलते दोपहर 2 बजे विधेयक पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी।
स्पीकर ओम बिरला ने गतिरोध दूर करने के लिए शाम 5 बजे तक का समय देते हुए कहा कि सरकार और विपक्षी सांसद आपस में सहमति बनाकर आएं। हंगामे के चलते लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों की कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा।
संसद में दिनभर की स्थिति
- सुबह 11 बजे केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पेपर लीक पर अंकुश लगाने के लिए लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पेश किया।
- दोपहर 2 बजे जैसे ही विधेयक पर चर्चा की तैयारी हुई, विपक्षी सांसद छात्रों की पिटाई के मुद्दे पर हंगामा करते हुए वेल में आ गए।
इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से कहा- आप चर्चा नहीं चाहते। गतिरोध न खत्म होते देख उन्होंने शाम 5 बजे तक का समय देते हुए दोनों पक्षों को सहमति बनाने की सलाह दी।
बार-बार के हंगामे के कारण लोकसभा को पहले 12 बजे, फिर 2 बजे और अंततः शाम 5 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। राज्यसभा में भी इसी मुद्दे पर दो बार स्थगन हुआ।
धर्मेंद्र प्रधान का सम्मान, NEET विवाद के बाद दिया था इस्तीफा
NEET पेपर लीक विवाद के बाद 25 जुलाई को इस्तीफा देने वाले पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को पहली बार संसद पहुंचे, जहाँ NDA सांसदों ने संसद भवन के बाहर उनका भव्य स्वागत किया। उन्हें शॉल और मिथिला पाग पहनाकर सम्मानित किया गया और धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद के नारों के साथ संसद भवन के अंदर ले जाया गया।
नए परीक्षा संशोधन बिल के कड़े प्रावधान
केंद्र सरकार ने 2024 में बने मौजूदा कानून को और अधिक सख्त बनाने के लिए यह संशोधन बिल पेश किया है। NEET पेपर लीक विवाद और देशभर में छात्रों के भारी विरोध के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को कानून को और सख्त करने का ऐलान किया था।
संशोधन बिल की मुख्य बातें-
* पेपर लीक और धांधली के दोषियों के लिए सज़ा और जुर्माने की राशि दोनों में भारी बढ़ोतरी की जाएगी।
* राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाने का अधिकार दिया जाएगा, जहां मामलों की रोजाना सुनवाई होगी।
* यह सख्त कानून केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियों द्वारा आयोजित सभी सार्वजनिक परीक्षाओं पर लागू होगा।
* इनमें UPSC, SSC, रेलवे भर्ती, बैंकिंग (IBPS), NTA (NEET, JEE आदि) और अन्य सभी केंद्रीय भर्ती व प्रवेश परीक्षाएं शामिल हैं।
हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन
परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और लीक-प्रूफ बनाने के लिए सरकार ने इंफोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स के गठन की भी घोषणा की है।






