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CJP का दावा : प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी FIR होंगी वापस, सरकार से बातचीत के बाद जारी किया वीडियो

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने दावा किया है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज की गई सभी FIR वापस ली जाएंगी। CJP के प्रवक्ताओं ने सोमवार देर रात 1 बजे एक वीडियो जारी कर बताया कि दिल्ली पुलिस और सरकार के प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत में यह भरोसा दिया गया है कि किसी भी प्रदर्शनकारी पर कानूनी कार्रवाई नहीं होगी और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल्द नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।

देर रात वीडियो जारी कर दी जानकारी

CJP प्रवक्ता सौरव दास और रत्ना सिंह ने देर रात जारी वीडियो संदेश में बताया कि दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने उनसे मुलाकात कर बिहार सरकार के गृह विभाग की एक प्रेस रिलीज दिखाई। इसके तहत विरोध प्रदर्शनों के दौरान दर्ज सभी मामलों को वापस लेने और भविष्य में कोई कार्रवाई न करने का लिखित आश्वासन दिया गया है।

सौरव दास ने कहा, हमें आशंका थी कि समझौते के बावजूद अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया जा सकता है। सरकार ने गारंटी दी है कि इसके लिए एक औपचारिक नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा ताकि हर प्रोटेस्टर सुरक्षित रहे।

CJP का एक्शन प्लान, लीगल सेल और साक्षी पोर्टल

आंदोलन स्थगित होने के बाद CJP ने कानूनी और आर्थिक मोर्चे पर कदम उठाए हैं-

  1. साक्षी पोर्टल लॉन्च किया जाएगा, जहाँ पुलिस कार्रवाई के फोटो और वीडियो प्रमाण के तौर पर अपलोड किए जा सकेंगे।
  2. देशभर के हर जिले में वकीलों का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने इसके लिए 1 करोड़ की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
  3. पुलिस मामलों में फंसे और घायल हुए प्रदर्शनकारियों के इलाज व कानूनी लड़ाई के लिए जनता से चंदा इकट्ठा किया जा रहा है।

बिहार में पुलिस बर्बरता का आरोप

CJP की कानूनी संपर्क अधिकारी रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल, असम और बिहार में हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को राहत दिलाने के लिए कानूनी टीम काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पटना, सिवान और छपरा में पुलिस ने बर्बरता की है और प्रदर्शनकारियों पर हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धाराएं लगाकर लगभग 5,000 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं।

दिल्ली पुलिस का खुलासा, 989 प्रदर्शनकारियों का आपराधिक रिकॉर्ड

दूसरी तरफ, दिल्ली पुलिस ने जांच रिपोर्ट के आधार पर दावा किया है कि प्रदर्शन में शामिल 2,873 लोगों के सत्यापन के दौरान गंभीर तथ्य सामने आए हैं।पुलिस के अनुसार, इनमें से 989 लोगों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है, जिसमें 101 लोग हत्या और 62 लोग हत्या के प्रयास के आरोपी। 284 लोग लूट-डकैती, 229 आर्म्स एक्ट, 135 स्नैचिंग और 67 NDPS (ड्रग्स) मामलों में शामिल। 61 लोगों पर रेप, 25 पर छेड़छाड़ और 6 पर पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं।

दिल्ली पुलिस का कहना है कि असामाजिक तत्वों की मौजूदगी को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है तथा स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।

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