जगदलपुर। ओडिशा व महाराष्ट्र के कई मुठभेड़ों में शामिल चार खूंखार नक्सलियों समेत छह ने सोमवार को बीजापुर पुलिस के समक्ष समर्पण कर दिया। समर्पित नक्सलियों पर 35 लाख का इनाम घोषित था।
ओडिशा राज्य में सक्रिय 4 माओवादी कैडरो सहित पश्चिम बस्तर डिवीजन के संगठन छोड़कर फरार 2 माओवादी ने सोमवार को हिंसा का रास्ता छोड़ बीजापुर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।
आत्मसमर्पण करने वाले 6 माओवादी कैडरों में 4 पीपीसीएम व 2 पार्टी मेंबर रैंक के माओवादी शामिल हैं, जिन पर 35 लाख का इनाम घोषित था।
छग शासन की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति व सुरक्षा बलों द्वारा लगातार संचालित नक्सल विरोधी अभियानों तथा बीजापुर जिले में पुनर्वास एवं कौशल विकास कार्यक्रमों से प्रभावित होकर माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। सुरक्षा बलों द्वारा लगातार किए जा रहे संपर्क एवं आपसी समन्वय के सकारात्मक परिणामस्वरूप इन माओवादी कैडरों ने डीआरजी बीजापुर एवं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के सहयोग से बीजापुर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया।
सुरक्षा बलों के बढ़ते प्रभाव, संगठन के विघटन की स्थिति, संगठन की हिंसक एवं जनविरोधी विचारधारा से मोहभंग, पूर्व माओवादी कैडरों के सफल पुनर्वास तथा आदिवासी क्षेत्रों में तेजी से हो रहे विकास कार्यों से प्रभावित होकर उन्होंने हिंसा का मार्ग त्यागकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया।
समर्पित नक्सलियों में यह शामिल
समर्पण करने वाले नक्सलियों में 8-8 लाख के ईनामी रानी सोढ़ी उर्फ संध्या 30 वर्ष, निवासी गोरना बटटूमपारा, थाना बीजापुर, पांडो पोड़ियम उर्फ सस्मिता 28 वर्ष, निवासी नेलनार मंतूपारा, थाना ओरछा, जिला नारायणपुर, सुक्कू कुड़ियम उर्फ संतोष 27 वर्ष, निवासी सागमेटा ईमलीपारा, थाना फरसेगढ़, जिला बीजापुर, कोसा माड़वी उर्फ सतीश 30 वर्ष निवासी पोनडवाया थाना भैरमगढ़, जिला बीजापुर के अलावा 2 लाख के ईनामी पार्टी मेंबर देवे मड़कम उर्फ जन्नी 22 वर्ष निवासी सिंगनपल्ली स्कूलपारा, थाना उसूर, जिला बीजापुर व 1 लाख का ईनामी लालू ताती 25 वर्ष निवासी तोड़का गायता पारा, थाना गंगालूर जिला बीजापुर शामिल है।
समर्पित नक्सली इन घटनाओं में थे शामिल
समर्पण करने वाले नक्सली कई बड़ी घटनाओं व मुठभेड़ में शामिल थे। इन घटनाओं में अक्टूबर 2017 में महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में पुलिस-माओवादी मुठभेड़ की घटना, अप्रैल 2018 में ओडिशा में मतदान दल पर हमला जिसमें 2 जवान शहीद, 8 जुलाई 2022: ओडिशा के ताराजार जंगल में पुलिस अभियान की घटना, अप्रैल 2024 में ओडिशा में माओवादी अस्थायी कैंप के विरुद्ध पुलिस अभियान की घटना, वर्ष 2016 में नेशनल पार्क एरिया कमेटी अंतर्गत ग्राम गुंडम मुठभेड़, वर्ष 2023 में ओडिशा राज्य अंतर्गत ग्राम कारीपानी मुठभेड़ में, अगस्त 2023 में ओडिशा राज्य अंतर्गत ग्राम नागेश मुठभेड़, 15 नवंबर 2023 में ओडिशा राज्य अंतर्गत ग्राम सोनाबेड़ा मुठभेड़, अप्रैल 2024 में ओडिशा राज्य अंतर्गत ग्राम पीपलकुट्टा मुठभेड़, 25 दिसम्बर 2025 में ओडिशा राज्य अंतर्गत ग्राम रम्भा मुठभेड़, 22 फरवरी 2026 ओडिशा राज्य अंतर्गत ग्राम कोरोड़ा मुठभेड, वर्ष 2016 में ग्राम चेरली सीआरपीएफ कैंप पर हमला, वर्ष 2024 में ग्राम तेकुलगुडा सीआरपीएफ कैंप हमला, अप्रैल 2021 ग्राम तेकुलगुडा घटना, वर्ष 2022 ग्राम एलमागुंडा कैंप अटैक, वर्ष 2022 में तेलंगाना सुकमा बीजापुर बॉर्डर में स्थित ग्राम सन्नापुर कैंप अटैक तथा मार्च 2023 में सुकमा जिला अंतर्गत ग्राम गुंडराज गुड़ा कैंप अटैक में शामिल थे।
समर्पित नक्सलियों को मिलेगा शासन की योजनाओं का लाभ
आत्मसमर्पण करने वाले सभी कैडरों को छग शासन की नक्सल आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के अंतर्गत नियमानुसार आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा, स्वरोजगार एवं रोजगार से संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। आत्मसमर्पण की सफलता में डीआरजी बीजापुर, सीआरपीएफ 170 वी बटालियन तथा बीजापुर पुलिस के बीच बेहतर समन्वय, विश्वास निर्माण एवं संवेदनशील कार्यशैली की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उमेश प्रसाद गुप्ता
एसपी, बीजापुर।






