तमिलनाडु में अभिनेता से नेता और अब मुख्यमंत्री बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) को मंगलवार को एक बड़ा झटका लगा है। यहां मद्रास हाईकोर्ट ने तिरुपत्तूर विधानसभा क्षेत्र से सिर्फ एक वोट के अंतर से जीते TVK विधायक आर. श्रीनिवास सेतुपति के विधानसभा कार्यवाही में शामिल होने पर रोक लगा दी है। अहम बात यह है कि इसके बाद श्रीनिवास फ्लोर टेस्ट में वोटिंग नहीं कर पाएंगे, जो विजय के लिए अच्छी खबर नहीं है।
दरअसल हाईकोर्ट में द्रमुक (DMK) के वरिष्ठ नेता के.आर. पेरियाकरुप्पन ने श्रीनिवास के एक वोट से जीत को चुनौती दी थी। इससे पहले 4 मई को आए नतीजों में पेरियाकरुप्पन केवल एक वोट से चुनाव हार गए थे। पेरियाकरुप्पन ने आरोप लगाया है कि उनके निर्वाचन क्षेत्र का एक एक पोस्टल बैलट, गलती से दूसरे तिरुपत्तूर जिले में भेज दिया गया और वहां उसे खारिज कर दिया गया। इसके अलावा, ईवीएम के आंकड़ों और चुनाव आयोग की वेबसाइट पर दर्ज आंकड़ों में भी 18 वोटों का अंतर मिला है।
श्रीनिवास सेतुपति को 83,365 वोट मिले
बता दें कि चुनाव में श्रीनिवास सेतुपति को 83,365 वोट मिले थे, जबकि पूर्व मंत्री पेरियाकरुप्पन को 83,364 वोट मिले हैं। इसके बाद सेतुपति को एक वोट के अंतर से विजयी घोषित किया गया था। अपनी याचिका में पूर्व मंत्री पेरियाकरुप्पन ने वोटों की दोबारा गिनती कराने और श्रीनिवास सेतुपति को विधायक के रूप में शपथ लेने से रोकने के लिए अंतरिम आदेश देने का अनुरोध किया था।
हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया?
याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस विक्टोरिया गौरी और एन. सेंथिलकुमार की पीठ ने माना है कि इस मामले में पहली नजर में गड़बड़ी नजर आ रही है। हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा कि सेतुपति अगले आदेश तक विधानसभा की किसी भी कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। वह विश्वास मत, अविश्वास प्रस्ताव या किसी भी ऐसे फ्लोर टेस्ट में वोट नहीं डाल पाएंगे। हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को तिरुपत्तूर निर्वाचन क्षेत्र के सभी दस्तावेजों, सीसीटीवी फुटेज और खारिज किए गए पोस्टल बैलट को सील कर सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया है।
बुधवार को विधानसभा में सिद्ध करना होगा बहुमत
गौरतलब है कि सी जोसफ विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण के तीन दिन बाद बुधवार को विधानसभा में बहुमत परीक्षण का सामना करेगी। ऐसे में हाईकोर्ट का यह आदेश विजय के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है। फिलहाल 234 सीटों वाली तमिलनाडु विधानसभा में TVK गठबंधन के पास 120 विधायक हैं और बहुमत के लिए 118 का आंकड़ा चाहिए। सेतुपति के बाहर होने के बाद गठबंधन के पास सिर्फ 119 प्रभावी वोट बचेंगे। ऐसे में अगर आने वाले दिनों में गठबंधन का एक या दो विधायक भी इधर-उधर होता है, तो सरकार के लिए बहुमत साबित करना बेहद मुश्किल हो सकता है।






