नई दिल्ली| देशभर में आज सुबह से आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ गया है। तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3-3 रूपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही, प्रमुख शहरों में सीएनजी (CNG) के दामों में भी 2 रूपए प्रति किलो तक का इजाफा किया गया है। गौरतलब है कि करीब 2 साल के लंबे अंतराल के बाद ईंधन की कीमतों में यह पहला बड़ा बदलाव है। नई दरें 15 मई से प्रभावी हो गई हैं।
महंगाई बढ़ने की आशंका
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रूपए की वृद्धि से माल ढुलाई (Logistics) महंगी होगी, जिसका सीधा असर फल, सब्जी और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों पर पड़ सकता है। 2 साल तक कीमतें स्थिर रहने के बाद हुई इस बढ़ोतरी ने मिडिल क्लास और ट्रांसपोर्ट सेक्टर की चिंताएं बढ़ा दी हैं।
विपक्ष का सरकार पर हमला
ईंधन के दामों में हुई इस अचानक बढ़ोतरी ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार को घेरते हुए इसे ‘जनता पर आर्थिक हमला’ करार दिया है।
कांग्रेस का तंज
राहुल गांधी ने कहा – मोदी सरकार की गलती, कीमत जनता चुकाएगी। 3 रूपए का झटका तो पहले ही लग चुका है। बाकी की वसूली किस्तों में की जाएगी। चुनाव खत्म होते ही वसूली शुरू हो गई है। सरकार को आम लोगों के आर्थिक दबाव की कोई परवाह नहीं है।
अखिलेश यादव का ‘साइकिल’ संदेश
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने एक कार्टून साझा करते हुए सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, हमने तो पहले ही कहा था कि साइकिल से बेहतर कुछ नहीं है। अगर आगे बढ़ना है, तो अब साइकिल ही एकमात्र विकल्प है।
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