नई दिल्ली। भारत के चार दिवसीय कूटनीतिक दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को लेकर कई बड़े और ऐतिहासिक ऐलान किए हैं। नई दिल्ली में नए अमेरिकी दूतावास सपोर्ट एनेक्स बिल्डिंग के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए रुबियो ने भारत-अमेरिका संबंधों को ‘इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की नींव’ बताया।
इस दौरान उन्होंने एक नए ‘अमेरिका फर्स्ट’ वीजा कार्यक्रम (America First Visa Plan) को पेश करने की घोषणा की। इसका मुख्य उद्देश्य भारत के व्यावसायिक पेशेवरों (Business Professionals) और कुशल श्रमिकों को प्राथमिकता देना है, जिससे द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों को एक नई ऊंचाई मिलेगी।
इसका उद्देश्य व्यावसायिक पेशेवरों को प्राथमिकता देना है, ताकि द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत किया जा सके। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि यह हमारे और भारत के बीच इस महत्वपूर्ण साझेदारी की नींव है। यही वजह है कि मैं इस दौरे पर यहां हूं। रुबियो ने कहा कि हम आने वाले महीनों में, हम दोनों देशों के संबंधों को रोचक बनाने के लिए कुछ नई और अहम घोषणाएं कर सकते हैं।
मोदी-ट्रंप की दोस्ती की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच करीबी पर जोर देते हुए कहाकि दोनों के संबंधों में यह गहराई ट्रंप के पहले कार्यकाल से ही है। रुबियो ने कहाकि यह एक निजी रिश्ता है जो पहले कार्यकाल से चला आ रहा है। अब यह राष्ट्रपति के दूसरे कार्यकाल में भी जारी है। उन्होंने कहाकि आप बस उनके बीच संबंध देख सकते हैं। नेताओं के बीच संबंध अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण है। ये दो बहुत गंभीर नेता हैं जो न केवल लंबे समय के नतीजों पर ध्यान दे रहे हैं।
चार दिन का दौरा
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपने भारत के चार दिवसीय दौरे पर शनिवार को अपनी पत्नी के साथ कोलकाता पहुंचे। रुबियो सुबह कोलकाता हवाई अड्डे पर उतरे और सीधे तलताला स्थित ‘मदर हाउस’ गए। पिछले 14 वर्षों में किसी अमरीकी विदेश मंत्री का पश्चिम बंगाल का यह पहला दौरा है। इससे पहले तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन मई 2012 में इस शहर में आई थीं।
पीएम मोदी से दिल्ली में मुलाकात
वहीं, बाद में रुबियो ने पीएम मोदी से दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान दोनेां ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं, विशेष रूप से रक्षा, व्यापार, ऊर्जा तथा प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों और पश्चिम एशिया संकट पर विचार-विमर्श किया। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि रुबियो ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को निकट भविष्य में अमेरिका की यात्रा का न्योता दिया। अमेरिकी विदेश मंत्री की चार-दिवसीय यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को सुधारना है, जिनमें पिछले साल के मध्य से ही तनाव है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर कहाकि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मिलकर मुझे प्रसन्नता हुई। हमने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में निरंतर प्रगति और क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति एवं सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका वैश्विक हित के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।
रुबियो 23 से 26 मई तक भारत यात्रा पर रहेंगे
रुबियो 23 से 26 मई तक भारत यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान उनका आगरा, जयपुर और नयी दिल्ली जाने का भी कार्यक्रम है। इस दौरे को कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें भारत के साथ ऊर्जा सहयोग पर चर्चा और क्वाड (चतुष्पक्षीय सुरक्षा संवाद) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक प्रस्तावित है।






