रामानुजनगर। जिले के रामानुजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भुवनेश्वरपुर में शुक्रवार की देर रात एक भीषण अग्निकांड से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यहां एक ही परिसर में स्थित मकान, कपड़ा दुकान और टेंट हाउस में अचानक अज्ञात कारणों से आग लग गई।
देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि घर के भीतर मौजूद तीन मासूम बच्चे धुएं और लपटों के बीच फंस गए। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची अग्निशमन सेवा और डायल-112 की टीम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
फायर फाइटर्स ने जान पर खेलकर टाला बड़ा हादसा
घटना की भयानकता को देखते हुए तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, पूरा भवन आग की लपटों से घिरा हुआ था और भीतर बच्चों के फंसे होने की जानकारी मिली। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए अग्निशमन कर्मियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए जलते हुए मकान में प्रवेश किया। टीम ने सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों बच्चों को बिना किसी खरोंच के सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाला। दमकल कर्मियों की इस जांबाजी से एक बड़ी जनहानि टल गई।
आग से लाखों का नुकसान, गृहस्थी और व्यापार तबाह
बच्चों को सुरक्षित निकालने के बाद अग्निशमन दल ने कड़ी मशक्कत कर आग पर काबू पाया और उसे आस-पास के रिहायशी मकानों में फैलने से रोका। हालांकि, इस आगजनी में पीड़ित अजय कुशवाहा का भारी नुकसान हुआ है। मकान में रखी पूरी घरेलू सामग्री, कपड़ा दुकान का स्टॉक और टेंट हाउस का कीमती सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया। इस हादसे में लाखों रुपए के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।

बच्चों की जान बचाना हमारी प्राथमिकता
आग की लपटें बहुत तेज थीं, लेकिन हमारी प्राथमिकता सबसे पहले अंदर फंसे बच्चों की जान बचाना थी। टीम ने सही समय पर जोखिम उठाकर बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया और आग को आगे बढ़ने से रोक दिया।
अग्निशमन दल के अधिकारी
भीषण गर्मी में बढ़ती आगजनी की घटनाएं चिंताजनक
नौतपा और भीषण गर्मी के इस दौर में सूरजपुर जिले सहित आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही आगजनी की घटनाएं प्रशासन के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। इस हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे गर्मी के मौसम में शॉर्ट-सर्किट और गैस सिलेंडरों के इस्तेमाल को लेकर विशेष सतर्कता बरतें, ताकि ऐसी अनहोनी से बचा जा सके।






