विशेष लेख :
सरगुजा। जिले में जल प्रबंधन और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की दिशा में श्याम घुनघुट्टा परियोजना एक वरदान साबित हो रही है। लगभग 35 वर्ष पुरानी इस परियोजना का 23.81 करोड़ रुपये की लागत से जीर्णोद्धार एवं लाइनिंग कार्य पूर्ण होने से 236 किलोमीटर लंबी नहर प्रणाली के माध्यम से जिले के 63 गांवों के खेतों तक निर्बाध रूप से सिंचाई का पानी पहुंच रहा है।
यह परियोजना न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों और अन्नदाताओं का सहारा बनी है, बल्कि नगर निगम अम्बिकापुर को अमृत योजना के तहत प्रतिवर्ष 8.93 मिलियन घनमीटर जल उपलब्ध कराकर शहर की पेयजल आवश्यकताओं को भी पूरा कर रही है।
परियोजना की प्रमुख विशेषताएं एवं उपलब्धियां
जल संसाधन विभाग द्वारा 2381.84 लाख (23.81 करोड़ रुपये) की लागत से क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत और लाइनिंग कार्य पूरा कराया गया। इससे पानी के रिसाव पर रोक लगी है और अंतिम छोर (टेल एरिया) के किसानों तक जल वितरण सुचारू हुआ है।
236 किमी लंबी नहर प्रणाली से 63 गांव लाभान्वित विस्तृत 236 किलोमीटर लंबी नहर नेटवर्क के माध्यम से 63 गांवों के खेतों तक पानी पहुंचाकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
अल्प वर्षा के दौरान भी किसानों को राहत
वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में सरगुजा जिले में हुई अल्प वर्षा के दौरान जब बारिश ने किसानों का साथ छोड़ा, तब इस परियोजना की नहरों के पानी ने फसलों को सूखने से बचाया और खेती-किसानी को संबल दिया।
दोहरी भूमिका
परियोजना एक साथ ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूरा कर रही है, जहां एक ओर खेतों को सिंचाई सुविधा मिल रही है, वहीं दूसरी ओर अम्बिकापुर शहर के नागरिकों की प्यास बुझाई जा रही है। श्याम घुनघुट्टा परियोजना जल संसाधनों के बेहतर संरक्षण और सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण है। समय पर जीर्णोद्धार से जहाँ किसानों की फसलें लहलहा रही हैं, वहीं अम्बिकापुर शहर को भी निरंतर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है।






