छत्तीसगढ़

स्मार्ट मीटर से 45 से 90 हजार तक आया बिजली बिल : जांच के लिए उपभोक्ताओं ने सहायक यंत्री को सौंपा ज्ञापन

नवागढ़। बेमतरा जिले के नवागढ़ के पेंड्री गांव में स्मार्ट मीटर लगने के बाद अधिक राशि के बिजली बिल ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। किसी उपभोक्ता के नाम 90 हजार तो किसी के नाम 45 हजार रुपए का बिल आना बताया जा रहा है। दूसरी ओर अघोषित बिजली कटौती ने लोगों की परेशानी अलग बढ़ा रखी है। ऐसे में ग्रामीणों का सवाल है कि जब बिजली आपूर्ति ही नियमित नहीं है, तो बिलों में इतनी बड़ी राशि आखिर किस आधार पर आ रही है?

इसी नाराजगी को लेकर जिला पंचायत सदस्य शशिप्रभा गायकवाड़ के नेतृत्व में ग्रामीण नवागढ़ में बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचे और घेराव कर अपनी समस्याएं रखीं। सहायक यंत्री नवीन वर्मा को ज्ञापन सौंपकर बिलों की जांच, बिजली आपूर्ति में सुधार और शिकायतों के निराकरण की मांग की गई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि एक सप्ताह के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदर्शन किया जाएगा।

बिल देखकर उड़े होश, अब जवाब मांग रहे उपभोक्ता

ग्रामीणों की ओर से उपलब्ध कराई गई सूची में कांति बाई मानिकपुरी के नाम पर 90 हजार रुपए, रामबती साहू के नाम पर 45 हजार रुपए तथा नेतराम साहू और दौवा राम राजपूत के नाम पर 40-40 हजार रुपए की बिल राशि बताई गई है। मीरा बाई के नाम पर 29 हजार रुपए, शिवनंदन लोधी के नाम पर 23,860 रुपए और नोहर लोधी के नाम पर 20,780 रुपए का बिल बताया गया है।

इसके अलावा धनेश्वर लोधी के नाम पर 18,600 रुपए, बलराम साहू के नाम पर 12,900 रुपए, अदालत लोधी के नाम पर 12,500 रुपए, जगराम रजक के नाम पर 11 हजार रुपए तथा चंदन सिंह और शत्रुघ्न राजपूत के नाम पर 10-10 हजार रुपए की राशि बताई गई है। भरत बर्मन के नाम पर 9 हजार और भकला साहू के नाम पर 8 हजार रुपए का बिल होने की जानकारी भी ग्रामीणों ने दी है।

कई उपभोक्ताओं की शिकायत आना अभी बाकी

ग्रामीणों का कहना है कि ये केवल कुछ उपभोक्ताओं के उदाहरण हैं। अन्य उपभोक्ताओं की शिकायतें भी सामने आनी बाकी हैं। ऐसे में वास्तविक स्थिति जानने के लिए विभाग को व्यापक जांच करनी चाहिए।सवाल यही है कि ये बिल वास्तविक खपत के अनुरूप हैं या इनमें पुराने बकाया, मीटर रीडिंग अथवा बिलिंग संबंधी कोई त्रुटि है? इसका जवाब विभागीय जांच से ही सामने आएगा।

शशिप्रभा का सरकार पर निशाना : जनता को राहत चाहिए

जिला पंचायत सदस्य शशिप्रभा गायकवाड़ ने प्रदेश सरकार की बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती और अधिक राशि के बिलों की शिकायतें आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा रही हैं। उन्होंने मांग की कि स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और प्रत्येक प्रभावित उपभोक्ता के बिल की जांच कराई जाए। गायकवाड़ ने ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी।

सप्ताहभर का अल्टीमेटम, फिर सड़क पर उतरेंगे ग्रामीण

ग्रामीणों ने सहायक यंत्री नवीन वर्मा को ज्ञापन सौंपकर एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में अधिक राशि वाले बिलों की जांच, बिलिंग संबंधी त्रुटियों का सुधार, उपभोक्ताओं को गणना की स्पष्ट जानकारी और बिजली आपूर्ति में सुधार शामिल हैं।

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