भाटापारा। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के भाटापारा शहर से 17 किमी दूर ग्राम बकुलाही स्थित रियल इस्पात संयंत्र स्पंज आयरन में डस्ट चेम्बरिंग परिवहन (डी एस सी) लीक होने से जोरदार विस्फोट हो गया, जिससे वहां प्लेटफार्म पर काम कर रहे 6 मजदूरों को मौके पर मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना में 5 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया की धमाका इतना तेज था कि जिसे सुनकर अफरा तफरी मच गई और धुएं का गुबार आसपास क्षेत्र में फैल गया। डीएससी लीक कैसे हुआ व गर्म कोयला और मलमा कैसे गिरा यह जांच का विषय है। संयंत्र प्रबंधन से इसकी पूरी जानकारी ली जा रही है कि आखिरकार इतनी बड़ी चूक का कारण क्या है। घटना सुबह 9.40 बजे की बतायी जा रही है।
ब्लास्ट में कोयले मलबा का तापमान था 400-500 डिग्री सेल्सियस
बताया जाता है, जो कोयले का गरम मलमा, जिसमें ब्लास्ट हुआ वह 400-500 डिग्री सेल्सियस गरम था। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हडकंप मच गया और जिले के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंच गये। कलेक्टर दीपक सोनी एवं भावना गुप्ता घटना स्थल पहुंचकर पूरे घटना क्रम की जानकारी ली। पुलिस बल और स्वास्थ्य विभाग का अमला भी घटना स्थल पहुंच गया। घायलों को भाटापारा व बिलासपुर के अस्पताल उपचार हेतु भेजा गया है।
प्रशासन ने रियल इस्पात संयंत्र किया सील
घटना के बाद कलेक्टर एसपी ने रियल इस्पात को सील कर दिया है। कलेक्टर सोनी एवं एसपी भावना गुप्ता ने बताया कि मृतक बिहार के रहने वाले हैं। मृतको में श्रवण कुमार 22 वर्ष, राजदेव कुमार 22, जितेन्द्र भुईयां 37, बद्री भुईया 40, सुन्द भुईया 40 साल की घटना स्थल पर मौत हो गई। वहीं 5 घायलों में कल्पु भुईया 44 वर्ष, रामू भुईया 34, सब्बीर अंसारी 34, मुमताज अंसारी 26, सराफा अंसारी 32 साल शामिल हैं।
एसडीएम के नेतृत्व में बनाई गई जांच टीम
उक्त प्लांट के ओनर नीतेश अग्रवाल घटना के समय प्लांट में मौजूद थे। घटना घटित होने के बाद वह कहीं चला गया। कलेक्टर, एसपी ने बताया एसडीएम भाटापारा के नेतृत्व में जांच टीम बनायी गई है, जो प्लांट प्रबंधन से पूछताछ कर रही है। वहीं अधिकारियों ने बताया कि घटना की सिलसिलेवार गंभीरता से जांच की जायेगी व अपराध भी दर्ज किया जायेगा आर दोषियों पर कार्यवाही की जायेगी।

कर्मचारियों के हाजरी रजिस्टर की जांच हो रही
दूसरी ओर प्लांट में जितने लोग काम करते हैं उनकी हाजरी रजिस्टर की जांच की जा रही है। बायोमैट्रिक की सुविधा यहां नहीं है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र बकुलाही, निपनिया व आसपास के ग्रमीणों में दहशत है। प्लांट के बाहर आक्रोशित ग्रामीणों ने संयंत्र प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।






