बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित मादक पदार्थों की खेती के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। दुर्ग जिले से शुरू हुआ यह सिलसिला अब प्रदेश के सीमावर्ती जिले बलरामपुर तक पहुंच गया है। जिला प्रशासन और पुलिस की सतर्कता से अफीम की खेती का प्रदेश में यह तीसरा मामला उजागर हुआ है।
तीसरा मामला बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड के करोंधा थाना क्षेत्र के चंदाडांडी गांव का है। जहां पुलिस ने अफीम की खेती का एक और खेत बरामद किया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में लेकर खेत की निगरानी शुरू कर दी।
पुलिस ने रातभर की रखवाली
पुलिस ने खेत के आसपास सुरक्षा घेरा बना दिया है और रात भर खेत की रखवाली करते रहे, ताकि कोई सबूत नष्ट न कर सके। इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सवाल उठाए थे, जिसके बाद मामला और चर्चे में आ गया।

त्रिपुरी में 10 मार्च को 2 एकड़ में मिली है अफीम की खेती
विदित हो कि कुसमी थाना क्षेत्र के त्रिपुरी में 10 मार्च को मादक पदार्थ अफीम की 2 एकड़ की खेती मिलने के बाद हड़कंप मचा था। कलेक्टर एसपी सहित तमाम प्रशासनिक व पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। दुर्ग के बाद बलरामपुर जिले में अफीम की खेती मिलने के बाद विपक्ष आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए सरकार को घेरने की कोशिश की थी। कांग्रेस ने पूर्व विधायक प्रीतम राम के नेतृत्व में जांच दल का गठन भी किया था। हालांकि मामले में पुलिस ने 2 खेत मालिकों सहित 7 संदेहियों को हिरासत में लिया। पुलिस ने एनसीबी की मौजूदगी में सौ से अधिक मजदूर लगाकर अफीम के पौधों को उखड़वाया था।
2 ग्रामीणों का खेत लीज में लेकर की जा रही थी अफीम की खेती
जांच में प्रारंभिक तौर पर 2 ग्रामीणों का खेत लीज में लेकर अफीम की खेती करने का खुलसा हुआ है। अफीम की खेती में झारखंड -बिहार का कनेक्शन भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि खेती करने के लिए झारखंड के मजदूरों को काम में लगाया गया था और खेत की रखवाली करने विद्युत तरंगित तार घेरावा कर किया जा रहा था। पुलिस ने खेत में लगे अफीम के पौधों को सौ से अधिक मजदूर लगाकर उखड़वाया। इसके साथ ही मौके पर से अफीम के सूखे फल भी मिले है, जिसे जब्त कर लिया गया है।
फूलों की खेती करने का ग्रामीणों को दिया झांसा
बता दें कि, अफीम की खेती करने वालों ने पहुंचविहीन क्षेत्रों की तलाश कर ग्रामीणों को फूलों की खेती करने का झांसा दिया और बड़े पैमाने पर मादक पदार्थ की अवैध खेती कर डाली।
जिले में दो स्थानों पर खेती मिलने से पुलिस अलर्ट
इधर, त्रिपुरी में पुलिस और एनसीबी की टीम कार्रवाई कर ही रही थी कि देर शाम चंदाडांडी में भी अफीम की खेती मिलने से पुलिस अलर्ट मोड पर में है। पुलिस ने रात में ही मौके पर पहुंच खेत की रखवाली की है और गुरुवार को इस मामले की कार्यवाही में जुट गई है। यह इलाका भी पहुंचविहीन है, ऐसे में अब सवाल यह उठता है कि, छत्तीसगढ़ का झारखंड से सटा हुआ इलाका सुरक्षित नहीं रह गया है। सुनसान इलाकों की पहचान कर तस्कर अब नशीले पदार्थ उगाने का गोरख काम करने से भी परहेज नहीं कर रहे है।






