बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में महुआ बीनने जंगल गए बुजुर्ग दंपती पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया, जिसमें चंपूलाल गोयल की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी और बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम गोटूलमुंडा बेलौदा निवासी चंपूलाल गोयल 66 वर्ष अपनी पत्नी सुमित्र गोयल 60 वर्ष के साथ महुआ बीनने जंगल गए थे। इस दौरान महुआ इकट्ठा करने के लिए लगाए गए आग के धुएं से मधुमक्खियां भड़क गईं और अचानक झुंड ने दंपती पर हमला कर दिया।
आग के धुएं से भड़की मधुमक्खियां
हमले के दौरान चंपूलाल करीब आधे घंटे तक जान बचाने के लिए इधर–उधर भागते रहे और अंत में पास के पैरावट में जाकर छिप गए, लेकिन तब तक मधुमक्खियां उन्हें बुरी तरह डंक मार चुकी थीं। इसी बीच उन्हें बचाने पहुंचे उनका बेटा और पत्नी सुमित्र गोयल भी मधुमक्खियों के हमले का शिकार हो गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों की मदद से तीनों को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया।
घायल ने अस्पताल में तोड़ा दम
बताया जा रहा है कि एम्बुलेंस में लाने के दौरान चंपूलाल होश में थे और बात भी कर रहे थे, लेकिन जिला अस्पताल बालोद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें मधुमक्खियों ने सैकड़ों डंक मारे थे, जिससे उनकी हालत बेहद गंभीर हो गई थी। फिलहाल सुमित्र गोयल और उनके बेटे का जिला अस्पताल बालोद में इलाज जारी है।
जंगल में धुआं करने से बचे ग्रामीण
यह घटना महुआ सीजन के दौरान जंगलों में जाने वाले ग्रामीणों के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि आग जलाने या धुआं करने से पहले सतर्कता बरतें, क्योंकि इससे मधुमक्खियां भड़क सकती हैं और जानलेवा हादसा हो सकता है। पुलिस द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और अंतिम संस्कार के लिए शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई जारी है।






