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पीएम मोदी ने राम मंदिर के शिखर पर फहराई धर्मध्वजा :  कहा- सदियों की वेदना पर विराम लगा

अयोध्या । अयोध्या ने 25 नवंबर मंगलवार को अपने इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और RSS प्रमुख मोहन भागवत ने शुभ मुहूर्त में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य शिखर पर भव्य धर्मध्वज फहराया। जैसे ही केसरिया ध्वज आकाश में लहराया, पूरा परिसर “जय श्री राम” के उद्घोष से गूंज उठा। माहौल भक्तिभाव, रोमांच और राममयी ऊर्जा से भर गया।

161 फीट ऊंचे ध्वजदंड पर चढ़ा 21 किलो सोना

धर्मध्वज जिस 161 फीट ऊंचे दंड पर लगाया गया, उस पर 21 किलो शुद्ध सोना चढ़ाया गया है। यह वही स्थान है जहां 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री मोदी ने भूमि पूजन किया था। भूमि तल से 50 फीट नीचे किए गए पूजन से लेकर 161 फीट ऊंचे शिखर तक नाभि-दंड की कुल ऊंचाई 211 फीट हो गई है।

यह ध्वज सदियों के सपने का साकार रूप है : प्रधानमंत्री मोदी

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज अयोध्या न सिर्फ भारत बल्कि पूरे विश्व को राममय कर रही है। सदियों पुराने घाव भर रहे हैं और पांच सौ वर्षों से प्रज्वलित यज्ञ की पूर्णाहुति हो रही है। यह धर्मध्वज सूर्यवंश की परंपरा, रामराज्य के आदर्श और संतों की तपस्या का प्रतीक है।

सपने से भी सुंदर मंदिर खड़ा हुआ है  : मोहन भागवत

RSS प्रमुख ने भावुक होते हुए कहा कि इस दिन के लिए अनगिनत रामभक्तों ने बलिदान दिया। उन्होंने बताया कि धर्मध्वज पर कोविदार वृक्ष का चिन्ह अंकित है, जो रघुकुल परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज का दिन संकल्प दोहराने का है-ऐसा भारत बनाना है जो विश्व को शांति का संदेश दे।

यह नए युग का शुभारंभ है : योगी आदित्यनाथ

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या आज 140 करोड़ भारतीयों की आस्था का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। “मंदिर वहीं बनाएंगे” का संकल्प आज पूर्ण हुआ है। उन्होंने बताया कि अयोध्या अब विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित एक आधुनिक तीर्थ बन चुकी है।

ऐतिहासिक पल के साक्षी बने हजारों श्रद्धालु

इस समारोह में देश-विदेश से आए संत-महात्मा, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, विशिष्ट अतिथि, किन्नर समुदाय, दलित-वंचित समाज के प्रतिनिधि और करीब 7,000 लोग शामिल हुए। पूरा परिसर दीपों, फूलों और भव्य सजावट से जगमगा उठा।

यज्ञ-हवन और धार्मिक अनुष्ठान किए गए

ध्वजारोहण से पहले वैदिक मंत्रों के बीच विस्तृत पूजा-अर्चना, यज्ञ-हवन और धार्मिक अनुष्ठान किए गए। यज्ञकुंड से उठती सुगंध, शंख-नाद, नगाड़ों की ध्वनि और दीप-सज्जा ने इस ऐतिहासिक क्षण को और भी दिव्य बना दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस ध्वजारोहण को सनातन संस्कृति की निरंतरता, भारतीय आस्था की अटूट शक्ति और सांस्कृतिक स्वाभिमान का संदेश बताया।

 

BABU RAO

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